JNCASR अध्ययन: इलेक्ट्रॉन परिरोध से धातुओं में प्लाज़्मोनिक गुण टूटते हैं
DST ने 28 जनवरी 2025 को बताया कि प्रो. बिवास साहा के नेतृत्व में JNCASR, बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने पाया कि नैनो-स्तर पर इलेक्ट्रॉनों का क्वांटम परिरोध धातुओं के प्लाज़्मोनिक व्यवहार को तोड़ देता है।
सारांश
DST के अधीन जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने धातुओं में इलेक्ट्रॉन परिरोध-जनित प्लाज़्मोनिक विघटन की खोज की, DST ने 28 जनवरी 2025 को बताया। प्रो. बिवास साहा के नेतृत्व में JNCASR टीम ने दिखाया कि नैनो-स्तर पर इलेक्ट्रॉनों का क्वांटम परिरोध धातुओं की इलेक्ट्रॉनिक संरचना बदल देता है और प्लाज़्मोनिक गुणों के मूल सामूहिक इलेक्ट्रॉन दोलनों को दबा देता है। 'साइंस एडवांसेज़' में प्रकाशित यह अध्ययन बेहतर ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक पदार्थ, परमाणु-स्तरीय सेंसर और नैनो-उत्प्रेरक बनाने में मदद कर सकता है।
मुख्य तथ्य
- सूचना
- 28 जनवरी 2025
- संस्थान
- JNCASR, बेंगलुरु (DST)
- नेतृत्व
- प्रो. बिवास साहा
- निष्कर्ष
- धातुओं में इलेक्ट्रॉन परिरोध-जनित प्लाज़्मोनिक विघटन
- जर्नल
- साइंस एडवांसेज़
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
जनवरी 2025 में धातुओं में इलेक्ट्रॉन परिरोध-जनित प्लाज़्मोनिक विघटन की जानकारी किस संस्थान के शोधकर्ताओं ने दी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र
PIB 2097003: अध्ययन प्रो. बिवास साहा के नेतृत्व में JNCASR, बेंगलुरु ने किया।