अंतरिक्ष स्टार्टअप के लिए वेंचर फंड हेतु 1,000 करोड़ रुपये निर्धारित: जितेंद्र सिंह
6 अक्टूबर 2024 को भारत में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष स्टार्टअप के लिए वेंचर फंड हेतु 1,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं और इस क्षेत्र में अब 200 से अधिक स्टार्टअप हैं।
सारांश
6 अक्टूबर 2024 को भारत में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष स्टार्टअप के लिए वेंचर फंड हेतु 1,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं; यह निर्णय सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में लिया गया। उन्होंने कहा कि लगभग चार वर्ष पहले अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के बाद, जिसमें NSIL नया PSU और IN-SPACe निजी क्षेत्र के साथ इंटरफेस बना, अंतरिक्ष स्टार्टअप एक अंक से बढ़कर 200 से अधिक हो गए हैं। उन्होंने विक्रम-S को भारत का पहला निजी रॉकेट बताया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 6 अक्टूबर 2024
- फंड
- अंतरिक्ष स्टार्टअप के लिए 1,000 करोड़ रुपये का वेंचर फंड
- अंतरिक्ष स्टार्टअप
- एक अंक से 200+
- निजी क्षेत्र से इंटरफेस
- IN-SPACe
- पहला निजी रॉकेट
- विक्रम-S
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
6 अक्टूबर 2024 को डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार अंतरिक्ष स्टार्टअप के लिए वेंचर फंड हेतु कितनी राशि निर्धारित की गई है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1,000 करोड़ रुपये
PIB (6 अक्टूबर 2024): डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष स्टार्टअप के लिए वेंचर फंड हेतु 1,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
अक्टूबर 2024 में डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में अब लगभग कितने स्टार्टअप हैं?
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सही उत्तर: A — 200 से अधिक
PIB (6 अक्टूबर 2024): 'एक अंक से अब हम अंतरिक्ष क्षेत्र में 200 से अधिक स्टार्टअप हैं।'
डॉ. जितेंद्र सिंह ने किस रॉकेट को भारत का पहला निजी रॉकेट बताया?
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सही उत्तर: D — विक्रम-S
PIB (6 अक्टूबर 2024): उन्होंने भारत के पहले निजी रॉकेट विक्रम-S का उल्लेख किया।