जितेंद्र सिंह ने BRIC-inStem के परीक्षणों की समीक्षा की, जिनमें हीमोफ़ीलिया के लिए पहला मानव जीन थेरेपी परीक्षण शामिल
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने BRIC-inStem, बेंगलुरु का दौरा कर उसके क्लिनिकल परीक्षणों की समीक्षा की, जिनमें CMC वेल्लोर के साथ हीमोफ़ीलिया का पहला मानव जीन थेरेपी परीक्षण शामिल है; इसकी जानकारी 24 अप्रैल 2025 को दी गई।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बेंगलुरु में BRIC-inStem की सुविधाओं का निरीक्षण किया और चिकित्सा संस्थानों तथा अस्पतालों के साथ चल रहे क्लिनिकल परीक्षणों की समीक्षा की, जिनमें CMC वेल्लोर के साथ हीमोफ़ीलिया के लिए पहला मानव जीन थेरेपी परीक्षण शामिल है; उन्होंने इसे भारत की वैज्ञानिक यात्रा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि भारत का जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र पिछले दशक में 16 गुना बढ़कर 2024 में $165.7 अरब हो गया है और 2030 तक $300 अरब का लक्ष्य है, और इसका श्रेय BIO-E3 नीति सहित नीतिगत सुधारों को दिया।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- BRIC-inStem, बेंगलुरु
- परीक्षण
- हीमोफ़ीलिया जीन थेरेपी, CMC वेल्लोर के साथ
- जैव-अर्थव्यवस्था
- 2024 में $165.7 अरब; 2030 तक $300 अरब
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
BRIC-inStem में समीक्षा किए गए हीमोफ़ीलिया के पहले मानव जीन थेरेपी परीक्षण को किस संस्थान के साथ किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — CMC वेल्लोर
हीमोफ़ीलिया का पहला मानव जीन थेरेपी परीक्षण CMC वेल्लोर के साथ किया गया।
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार 2024 में भारत के जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र का आकार कितना था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — $165.7 अरब
भारत का जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र 2024 में $165.7 अरब पहुँचा; $300 अरब 2030 का लक्ष्य है।