जलियांवाला बाग नरसंहार की बरसी पर राष्ट्र ने बलिदानियों को याद किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल 2026 को अमृतसर के जलियांवाला बाग के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी, जहाँ 13 अप्रैल 1919 को लोग मारे गए और घायल हुए थे; स्मारक जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 के तहत है।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल 2026 को जलियांवाला बाग के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका बलिदान लोगों की अदम्य भावना की याद दिलाता है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रशासित जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 में 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में मारे गए या घायल हुए लोगों की स्मृति को अमर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्मारक के निर्माण और प्रबंधन का प्रावधान है। अमृतसर में नवीनीकृत स्मारक परिसर प्रधानमंत्री ने 2021 में राष्ट्र को समर्पित किया था; तब PIB ने बताया था कि नरसंहार से पहले इस स्थल पर बैसाखी के मेले लगते थे।
मुख्य तथ्य
- श्रद्धांजलि
- 13 अप्रैल 2026, प्रधानमंत्री द्वारा
- नरसंहार की तिथि
- 13 अप्रैल 1919, जलियांवाला बाग, अमृतसर
- क़ानून
- जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 (संस्कृति मंत्रालय)
- नवीनीकृत परिसर
- 2021 में राष्ट्र को समर्पित
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अमृतसर में जलियांवाला बाग नरसंहार किस तिथि को हुआ था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 13 अप्रैल 1919
जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 में 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में मारे गए या घायल हुए लोगों का उल्लेख है।
जलियांवाला बाग में राष्ट्रीय स्मारक के निर्माण और प्रबंधन का प्रावधान संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रशासित किस क़ानून में है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951
PRS के अनुसार जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 (संस्कृति मंत्रालय) 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में मारे गए या घायल हुए लोगों की स्मृति में राष्ट्रीय स्मारक के निर्माण का प्रावधान करता है और उसके प्रबंधन के लिए एक ट्रस्ट बनाता है।