जल जीवन मिशन 2.0 के तहत 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों में जल अर्पण; क्षेत्रीय भाषाओं में हर घर जल प्रमाणपत्र जारी
गांधी जयंती की विशेष ग्राम सभाओं में 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों ने जल अर्पण मनाया, जिसमें जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पूर्ण ग्रामीण जल योजनाएँ स्थानीय निकायों को औपचारिक रूप से सौंपी गईं (3 अक्टूबर 2026 को घोषित)।
सारांश
जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार विशेष ग्राम सभाओं के दौरान 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों/गाँवों ने जल अर्पण मनाया, जिसमें पूर्ण हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएँ औपचारिक रूप से ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को सौंपी गईं। पहली बार जल अर्पण मॉड्यूल से क्षेत्रीय भाषाओं में 346 हर घर जल प्रमाणपत्र बनाए और जारी किए गए; मॉड्यूल अब हिंदी, अंग्रेज़ी और 17 अन्य भाषाओं में प्रमाणपत्र देता है। सुजलम भारत के तहत इसी दिन 2,691 जल आपूर्ति परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग हुई। विज्ञप्ति के अनुसार जल जीवन मिशन में अब 15.96 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों (82% से अधिक) के पास नल कनेक्शन है।
मुख्य तथ्य
- आयोजन
- 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों में जल अर्पण
- अर्थ
- पूर्ण ग्रामीण जल योजनाएँ ग्राम पंचायतों और VWSC को सौंपना
- मिशन
- जल जीवन मिशन 2.0
- पहली बार
- क्षेत्रीय भाषाओं में 346 हर घर जल प्रमाणपत्र
- भाषाएँ
- हिंदी, अंग्रेज़ी और 17 अन्य क्षेत्रीय भाषाएँ
- जियो-टैगिंग
- सुजलम भारत के तहत 2,691 परिसंपत्तियाँ (लगभग 700 स्रोत)
- नल कनेक्शन
- 15.96 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवार (82% से अधिक)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
गांधी जयंती 2026 पर 1,850 से अधिक ग्राम पंचायतों में मनाया गया जल अर्पण किस मिशन के अंतर्गत एक सुधार है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — जल जीवन मिशन 2.0
जल अर्पण में क्या किया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — पूर्ण ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं को औपचारिक रूप से ग्राम पंचायतों और VWSC को सौंपना
पहली बार जल अर्पण मॉड्यूल के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में कितने हर घर जल प्रमाणपत्र बनाए और जारी किए गए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 346