ITU परिषद ने ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन 2030 की मेज़बानी के भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किया
जिनेवा में ITU परिषद 2026 (28 अप्रैल–8 मई) ने 2030 में ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन (PP-2030) की मेज़बानी के भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसे नवंबर 2026 में दोहा में PP-2026 में मंज़ूरी मिलने की संभावना है; DoT ने 14 मई को यह बताया।
सारांश
दूरसंचार विभाग ने 14 मई 2026 को बताया कि 28 अप्रैल से 8 मई 2026 तक जिनेवा में हुई अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) परिषद ने 2030 में ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन (PP-2030) की मेज़बानी के भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किया। भारत के प्रस्ताव को नवंबर 2026 में दोहा, क़तर में होने वाले पूर्णाधिकारी सम्मेलन 2026 में मंज़ूरी मिलने की संभावना है। भारत ने ITU परिषद में पुनर्निर्वाचन और रेडियोसंचार ब्यूरो के निदेशक पद के लिए अपनी उम्मीदवारी भी रखी, जिसकी उम्मीदवार डॉ. रेवती मन्नेपल्ली हैं, और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 6G, AI और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर WTSA प्रस्तावों के लिए स्वैच्छिक योगदान की घोषणा की। ITU की शासी संस्था ITU परिषद में 48 निर्वाचित सदस्य देश हैं और इसकी बैठक हर वर्ष जिनेवा में होती है; भारत 1952 से इसका सदस्य है।
मुख्य तथ्य
- बैठक
- ITU परिषद 2026, जिनेवा, 28 अप्रैल–8 मई 2026
- परिणाम
- PP-2030 की मेज़बानी का भारत का प्रस्ताव स्वीकार
- अगला कदम
- नवंबर 2026 में दोहा, क़तर में PP-2026 में संभावित मंज़ूरी
- उम्मीदवारी
- ITU परिषद पुनर्निर्वाचन; निदेशक BR के लिए डॉ. रेवती मन्नेपल्ली
- ITU परिषद
- 48 निर्वाचित सदस्य देश; भारत 1952 से सदस्य
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जिनेवा में ITU परिषद 2026 में किस ITU आयोजन की मेज़बानी का भारत का प्रस्ताव स्वीकार हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन 2030
ITU परिषद ने ITU पूर्णाधिकारी सम्मेलन (PP-2030) की मेज़बानी का भारत का प्रस्ताव स्वीकार किया; इसे दोहा में PP-2026 में मंज़ूरी मिलने की संभावना है।
ITU परिषद के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह ITU की शासी संस्था है और इसमें 48 निर्वाचित सदस्य देश हैं। 2. भारत 1992 में ही ITU परिषद का सदस्य बना। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। DoT के अनुसार भारत 1952 से ITU परिषद का सदस्य है।