सिली हुई पाल वाला जहाज़ INSV कौंडिन्य पोरबंदर से पहली यात्रा पूरी कर मस्कट पहुँचा
पारंपरिक रूप से निर्मित सिली हुई पाल वाला भारतीय नौसेना का जहाज़ INSV कौंडिन्य 14 जनवरी 2026 को पोरबंदर से अपनी पहली यात्रा पूरी कर ओमान के मस्कट पहुँचा।
सारांश
भारतीय नौसेना का पारंपरिक रूप से निर्मित सिली हुई पाल वाला जहाज़ INSV कौंडिन्य पोरबंदर से अपनी पहली यात्रा पूरी कर 14 जनवरी 2026 को ओमान के मस्कट में पोर्ट सुल्तान क़ाबूस पहुँचा, जहाँ केंद्रीय बंदरगाह मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उसका स्वागत किया। यह यात्रा 5,000 वर्ष से अधिक पुराने भारत–ओमान समुद्री संबंधों का प्रतीक है और ऐसे समय हुई है जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष मना रहे हैं। महान नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया यह जहाज़ अजंता गुफा चित्रों में दर्शाए गए पाँचवीं शताब्दी ईस्वी के पोत से प्रेरित है और प्राचीन सिलाई तकनीक से बना है। सोनोवाल ने ओमान के परिवहन और IT मंत्री से बातचीत की और भारत–ओमान ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा।
मुख्य तथ्य
- जहाज़
- INSV कौंडिन्य — पारंपरिक सिली हुई पाल वाला जहाज़
- यात्रा
- पहली यात्रा, पोरबंदर → मस्कट
- आगमन
- 14 जनवरी 2026, पोर्ट सुल्तान क़ाबूस, मस्कट
- स्वागत
- केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल
- डिज़ाइन प्रेरणा
- अजंता गुफा चित्रों में पाँचवीं शताब्दी ईस्वी का जहाज़
- संदर्भ
- भारत–ओमान राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष; ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जनवरी 2026 में मस्कट में समाप्त हुई अपनी पहली यात्रा INSV कौंडिन्य ने किस भारतीय बंदरगाह से शुरू की थी?
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सही उत्तर: D — पोरबंदर
PIB (पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग): INSV कौंडिन्य पोरबंदर से अपनी पहली यात्रा पूरी कर मस्कट पहुँचा।
INSV कौंडिन्य का डिज़ाइन किस कलाकृति में दर्शाए गए पाँचवीं शताब्दी ईस्वी के पोत से प्रेरित है?
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सही उत्तर: A — अजंता गुफा चित्र
PIB (पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग): INSV कौंडिन्य अजंता गुफा चित्रों में दर्शाए गए पाँचवीं शताब्दी ईस्वी के पोत से प्रेरित है।
INSV कौंडिन्य का मस्कट आगमन ऐसे समय हुआ जब भारत और ओमान राजनयिक संबंधों के कितने वर्ष मना रहे हैं?
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सही उत्तर: C — 70 वर्ष
PIB (पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग): दोनों देश राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष मना रहे हैं।