प्राचीन सिले हुए जहाज़ को करवार में INSV कौंडिन्य के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया
भारतीय नौसेना ने 21 मई 2025 को नौसेना बेस, करवार में पारंपरिक रूप से निर्मित 'प्राचीन सिले हुए जहाज़' को INSV कौंडिन्य नाम देकर शामिल किया; मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत थे।
सारांश
भारतीय नौसेना ने 21 मई 2025 को नौसेना बेस, करवार में प्राचीन सिले हुए जहाज़ को औपचारिक रूप से INSV कौंडिन्य नाम देकर शामिल किया; केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि थे। यह सिला हुआ पाल-जहाज़ अजंता गुफाओं के चित्रों में दर्शाए गए 5वीं शताब्दी ईस्वी के जहाज़ पर आधारित है। इसे संस्कृति मंत्रालय, भारतीय नौसेना और मेसर्स होडी इनोवेशंस के त्रिपक्षीय समझौते के तहत संस्कृति मंत्रालय के वित्त पोषण से बनाया गया। मास्टर शिपराइट बाबू शंकरन के नेतृत्व में केरल के कारीगरों ने नारियल की रस्सी (कॉयर), नारियल रेशे और प्राकृतिक राल से लकड़ी के तख्तों को सिला। डिज़ाइन का सत्यापन IIT मद्रास में हाइड्रोडायनामिक मॉडल परीक्षण से हुआ। इसके पालों पर गंडभेरुंड और सूर्य के रूपांकन, अग्रभाग पर सिंह याली की मूर्ति और डेक पर हड़प्पा-शैली का पत्थर का लंगर है।
मुख्य तथ्य
- शामिल
- 21 मई 2025, नौसेना बेस, करवार
- मुख्य अतिथि
- संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
- आधार
- अजंता गुफा चित्रों का 5वीं शताब्दी ईस्वी का जहाज़
- निर्माता
- मास्टर शिपराइट बाबू शंकरन के नेतृत्व में केरल के कारीगर
- डिज़ाइन सत्यापन
- IIT मद्रास में हाइड्रोडायनामिक मॉडल परीक्षण
- विशेषताएँ
- पालों पर गंडभेरुंड और सूर्य; अग्रभाग पर सिंह याली; हड़प्पा-शैली का पत्थर का लंगर
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
मई 2025 में भारतीय नौसेना में शामिल INSV कौंडिन्य किसमें दर्शाए गए 5वीं शताब्दी ईस्वी के जहाज़ पर आधारित है?
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सही उत्तर: A — अजंता गुफाओं के चित्र
INSV कौंडिन्य अजंता गुफाओं के चित्रों में दर्शाए गए 5वीं शताब्दी ईस्वी के जहाज़ पर आधारित है।
21 मई 2025 को प्राचीन सिले हुए जहाज़ को औपचारिक रूप से कहाँ शामिल कर INSV कौंडिन्य नाम दिया गया?
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सही उत्तर: C — नौसेना बेस, करवार
शामिल करने का समारोह नौसेना बेस, करवार में हुआ।
21 मई 2025 को INSV कौंडिन्य को भारतीय नौसेना में शामिल करने के समारोह में मुख्य अतिथि कौन थे?
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सही उत्तर: B — संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि थे; परियोजना का वित्त पोषण संस्कृति मंत्रालय ने किया।
INSV कौंडिन्य के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केरल के कारीगरों ने इसके पतवार के तख्तों को कॉयर रस्सी, नारियल रेशे और प्राकृतिक राल से सिला। 2. इसके डिज़ाइन का सत्यापन IIT मद्रास में हाइड्रोडायनामिक मॉडल परीक्षण से हुआ। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों सही हैं।