आईएनएसटी मोहाली के वैज्ञानिकों ने दिखाया कि नैनो-मेलाटोनिन पार्किंसंस रोग के उपचार में मदद कर सकता है
ह्यूमन सीरम एल्ब्यूमिन नैनोकैरियर से 'अंधकार हार्मोन' का निरंतर स्राव और मस्तिष्क तक बेहतर वितरण हुआ।
सारांश
नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएनएसटी), मोहाली के शोधकर्ताओं ने दिखाया कि मेलाटोनिन के नैनो-फॉर्मूलेशन में बेहतर एंटीऑक्सीडेटिव और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण हैं और यह पार्किंसंस रोग का संभावित उपचार हो सकता है, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 2 जनवरी 2025 को बताया। डॉ. सुरजीत कर्माकर के नेतृत्व में आईएनएसटी मोहाली की टीम ने अंधकार के प्रति प्रतिक्रिया में पीनियल ग्रंथि से स्रावित हार्मोन मेलाटोनिन को पहुंचाने के लिए ह्यूमन सीरम एल्ब्यूमिन (एचएसए) नैनोकैरियर का उपयोग किया, जिससे निरंतर स्राव और बेहतर जैव-उपलब्धता मिली। रोटेनोन-प्रेरित विषाक्तता वाले इन विट्रो पार्किंसंस मॉडल में नैनो-मेलाटोनिन ने एपिजेनेटिक नियामक बीएमआई1 को बढ़ाकर माइटोफैगी और माइटोकॉन्ड्रियल बायोजेनेसिस में सुधार किया।
मुख्य तथ्य
- सूचना
- 2 जनवरी 2025, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- संस्थान
- आईएनएसटी मोहाली, डीएसटी का स्वायत्त संस्थान
- प्रमुख वैज्ञानिक
- डॉ. सुरजीत कर्माकर
- फॉर्मूलेशन
- ह्यूमन सीरम एल्ब्यूमिन (एचएसए) नैनोकैरियर से मेलाटोनिन
- क्रियाविधि
- एपिजेनेटिक नियामक बीएमआई1 बढ़ाकर माइटोफैगी प्रेरण
- मॉडल
- रोटेनोन (कीटनाशक)-प्रेरित विषाक्तता वाला इन विट्रो पार्किंसंस मॉडल
- मेलाटोनिन
- पीनियल ग्रंथि का न्यूरोहार्मोन जो नींद-जागने का चक्र नियंत्रित करता है
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
आईएनएसटी मोहाली के शोधकर्ताओं ने पार्किंसंस रोग के संभावित उपचार के रूप में किस हार्मोन का नैनो-फॉर्मूलेशन बनाया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — मेलाटोनिन
पीआईबी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): वैज्ञानिकों ने दिखाया कि अंधकार के प्रति प्रतिक्रिया में बनने वाले हार्मोन मेलाटोनिन का नैनो-फॉर्मूलेशन पार्किंसंस रोग का संभावित उपचार हो सकता है।
आईएनएसटी मोहाली की टीम ने मेलाटोनिन को मस्तिष्क तक पहुंचाने के लिए किस नैनोकैरियर का उपयोग किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ह्यूमन सीरम एल्ब्यूमिन
पीआईबी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): टीम ने मेलाटोनिन को मस्तिष्क तक पहुंचाने के लिए जैव-संगत प्रोटीन (ह्यूमन सीरम एल्ब्यूमिन, एचएसए) नैनोकैरियर का उपयोग किया।
नैनो-मेलाटोनिन अध्ययन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेलाटोनिन पीनियल ग्रंथि से स्रावित होता है। 2. नैनो-मेलाटोनिन ने एपिजेनेटिक नियामक बीएमआई1 को बढ़ाकर माइटोफैगी प्रेरित की। 3. अध्ययन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान में किया गया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
पीआईबी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): मेलाटोनिन पीनियल ग्रंथि से स्रावित न्यूरोहार्मोन है; बीएमआई1 बढ़ाकर माइटोफैगी प्रेरित हुई; आईएनएसटी मोहाली डीएसटी का स्वायत्त संस्थान है।