दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता के 10 वर्ष पूरे; लेनदारों को ₹4 लाख करोड़ से अधिक की वसूली
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 ने 28 मई 2026 को 10 वर्ष पूरे किए; मार्च 2026 तक 1,419 मामलों में समाधान योजनाओं से लेनदारों को ₹4 लाख करोड़ से अधिक की वसूली हुई।
सारांश
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने 2016 में लागू हुई दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के 10 वर्ष पूरे होने पर आंकड़े जारी किए। मार्च 2026 तक 8,987 मामले स्वीकार हुए और 7,102 बंद हुए; 4,099 कंपनियों (बंद मामलों का लगभग 58%) को बचाया गया और 3,003 परिसमापन में गईं। 1,419 मामलों में समाधान योजनाओं से ₹4 लाख करोड़ से अधिक की वसूली हुई — उचित मूल्य का 95% और परिसमापन मूल्य का 167%। लगभग ₹14 लाख करोड़ के 30,000 से अधिक मामले स्वीकृति से पहले ही निपट गए। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत के दिवाला ढांचे को 'ग्रुप C' से 'ग्रुप B' में अपग्रेड किया और RBI की 2024–25 की बैंकिंग प्रवृत्ति एवं प्रगति रिपोर्ट ने IBC को सबसे प्रभावी वसूली माध्यम बताया, जिससे बैंकों की लगभग 52.4% वसूली हुई।
मुख्य तथ्य
- उपलब्धि
- IBC के 10 वर्ष पूरे (2016 में लागू)
- स्वीकृत / बंद मामले
- 8,987 / 7,102 (मार्च 2026 तक)
- बचाई गईं बनाम परिसमापन
- 4,099 बचाई गईं (~58%); 3,003 परिसमापन
- समाधान योजनाएं
- 1,419 मामले; ₹4 लाख करोड़ से अधिक वसूली
- वसूली
- उचित मूल्य का 95%; परिसमापन मूल्य का 167%
- स्वीकृति-पूर्व निपटान
- 30,000+ मामले, ~₹14 लाख करोड़
- S&P रेटिंग
- ग्रुप C से ग्रुप B में अपग्रेड
- बैंक वसूली में हिस्सा (2024-25)
- ~52.4% IBC से (RBI)
- IBC में वसूली दर
- 2024-25 में 36.6% (पिछले वर्ष 28.3%)
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
मई 2026 में 10 वर्ष पूरे करने वाली दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) किस वर्ष लागू हुई थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 2016
MCA के अनुसार 2016 में लागू IBC ने 28 मई 2026 को 10 वर्ष पूरे किए।
IBC की 10वीं वर्षगांठ पर MCA के आंकड़ों के अनुसार (मार्च 2026 तक) संहिता के तहत समाधान योजनाओं से लेनदारों को कितनी वसूली हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ₹4 लाख करोड़ से अधिक
1,419 समाधान योजनाओं से ₹4 लाख करोड़ से अधिक की वसूली हुई; ₹14 लाख करोड़ स्वीकृति-पूर्व निपटे 30,000+ मामलों का मूल्य है।
मार्च 2026 तक IBC के परिणामों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. परिसमापन की तुलना में अधिक मामले कंपनी को बचाकर बंद हुए। 2. समाधान योजनाओं में लेनदारों की वसूली परिसंपत्तियों के परिसमापन मूल्य से कम रही। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
4,099 कंपनियां बचाई गईं जबकि 3,003 परिसमापन में गईं; वसूली परिसमापन मूल्य का 167% यानी उससे अधिक रही।
IBC की 10वीं वर्षगांठ पर MCA द्वारा उद्धृत S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत के दिवाला ढांचे को किस समूह में अपग्रेड किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ग्रुप C से ग्रुप B
S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत के दिवाला ढांचे को 'ग्रुप C' से 'ग्रुप B' में अपग्रेड किया।