लोकायन-26 के दौरान स्वेज़ नहर पार कर INS सुदर्शिनी अलेक्ज़ेंड्रिया पहुंचा
भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत INS सुदर्शिनी अपने अंतर-महासागरीय अभियान लोकायन-26 के दौरान स्वेज़ नहर से उत्तर की ओर पारगमन के बाद 1 मार्च 2026 को मिस्र के अलेक्ज़ेंड्रिया पहुंचा।
सारांश
भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत INS सुदर्शिनी 1 मार्च 2026 को मिस्र के बंदरगाह शहर अलेक्ज़ेंड्रिया पहुंचा, जो उसके अंतर-महासागरीय अभियान लोकायन-26 का एक अहम पड़ाव है। तीन मस्तूलों वाला यह बार्क सफ़ागा से रवाना होकर 193 किलोमीटर लंबी स्वेज़ नहर से उत्तर की ओर गुज़रते हुए अलेक्ज़ेंड्रिया पहुंचा, जो प्रशिक्षुओं के लिए प्रशिक्षण का प्रमुख अनुभव रहा। यह यात्रा भारत–मिस्र समुद्री संबंधों का उत्सव मनाने वाली 'ब्रिजेस ऑफ फ्रेंडशिप' पहल का हिस्सा है। मिस्र की नौसेना और भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने पोत का स्वागत किया, और कमांडिंग ऑफिसर ने अलेक्ज़ेंड्रिया नौसैनिक अड्डे के कमांडर रियर एडमिरल महमूद अब्देलसत्तार से भेंट की।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 1 मार्च 2026, अलेक्ज़ेंड्रिया, मिस्र
- अभियान
- लोकायन-26
- पोत
- INS सुदर्शिनी, तीन मस्तूल वाला बार्क
- मार्ग
- सफ़ागा से 193 किमी स्वेज़ नहर होकर
- पहल
- ब्रिजेस ऑफ फ्रेंडशिप (भारत–मिस्र)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
1 मार्च 2026 को लोकायन-26 अभियान के दौरान भारतीय नौसेना का कौन-सा पाल प्रशिक्षण पोत मिस्र के अलेक्ज़ेंड्रिया पहुंचा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — INS सुदर्शिनी
INS सुदर्शिनी लोकायन-26 के दौरान 1 मार्च 2026 को अलेक्ज़ेंड्रिया पहुंचा।
1 मार्च 2026 को अलेक्ज़ेंड्रिया पहुंचने से पहले INS सुदर्शिनी ने किस नहर से उत्तर की ओर पारगमन किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — स्वेज़ नहर
पोत ने सफ़ागा से रवाना होकर 193 किमी लंबी स्वेज़ नहर से उत्तर की ओर पारगमन किया।