भारतीय सेना ने नए कोट कॉम्बैट (डिजिटल प्रिंट) के डिज़ाइन अधिकार हासिल किए
रक्षा मंत्रालय ने 19 नवंबर 2025 को बताया कि भारतीय सेना ने अपने नए कोट कॉम्बैट (डिजिटल प्रिंट) के डिज़ाइन और छलावरण पैटर्न पर विशेष बौद्धिक संपदा अधिकार हासिल कर लिए हैं।
सारांश
जनवरी 2025 में पेश किया गया भारतीय सेना का नया कोट कॉम्बैट (डिजिटल प्रिंट) आर्मी डिज़ाइन ब्यूरो के तहत परामर्श परियोजना के रूप में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT), नई दिल्ली ने डिज़ाइन किया है। इसका डिज़ाइन पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक, कोलकाता के पास पंजीकृत हुआ (आवेदन 27 फरवरी 2025, प्रकाशन 7 अक्टूबर 2025), जिससे सेना को एकमात्र स्वामित्व मिला। अनधिकृत निर्माण या उपयोग पर डिज़ाइन अधिनियम, 2000 के तहत निषेधाज्ञा और हर्जाना लग सकता है। कोट में तीन परतें हैं: डिजिटल प्रिंट छलावरण वाला बाहरी कोट, इंसुलेटेड इनर जैकेट और थर्मल बेस लेयर।
मुख्य तथ्य
- वस्तु
- नया कोट कॉम्बैट (डिजिटल प्रिंट)
- डिज़ाइनर
- NIFT नई दिल्ली (आर्मी डिज़ाइन ब्यूरो परियोजना)
- पंजीकरण
- पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक, कोलकाता
- परतें
- तीन — बाहरी छलावरण कोट, इनर जैकेट, थर्मल लेयर
- कानून
- डिज़ाइन अधिनियम, 2000
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
भारतीय सेना के नए कोट कॉम्बैट (डिजिटल प्रिंट), जिसके डिज़ाइन अधिकार सेना ने 2025 में हासिल किए, को किस संस्थान ने डिज़ाइन किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली
इसे आर्मी डिज़ाइन ब्यूरो के तहत परामर्श परियोजना के रूप में NIFT नई दिल्ली ने डिज़ाइन किया।
भारतीय सेना के नए कोट कॉम्बैट (डिजिटल प्रिंट) में कितनी परतें हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — तीन
यह तीन परतों वाला परिधान है: बाहरी छलावरण कोट, इंसुलेटेड इनर जैकेट और थर्मल बेस लेयर।