भारत–ब्रिटेन CETA और दोहरा अंशदान अभिसमय लागू
भारत–ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता (दोहरा अंशदान अभिसमय) 15 जुलाई 2026 को लागू हुए, जिससे भारत के लगभग 99% निर्यात को शून्य शुल्क पहुँच मिली।
सारांश
भारत–यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता, जिसे दोहरा अंशदान अभिसमय (DCC) भी कहते हैं, 15 जुलाई 2026 को लागू हुए और वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में इसका कार्यक्रम हुआ। CETA भारत के लगभग 99% निर्यात को शून्य शुल्क पहुँच देता है, जो लगभग 100% व्यापार मूल्य को कवर करता है; पहले दिन 14 करोड़ डॉलर से अधिक की 50 से अधिक निर्यात खेपें रवाना की गईं। CETA 6 मई 2025 को 14 दौर की वार्ता के बाद संपन्न हुआ और 24 जुलाई 2025 को लंदन में पीयूष गोयल तथा ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस पर हस्ताक्षर किए, जबकि DCC पर 10 फरवरी 2026 को हस्ताक्षर हुए। DCC के तहत अस्थायी कार्य पर गए भारतीय कर्मियों की ब्रिटिश सामाजिक सुरक्षा अंशदान से छूट 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई।
मुख्य तथ्य
- लागू
- 15 जुलाई 2026
- शुल्क-मुक्त पहुँच
- भारत के ~99% निर्यात
- हस्ताक्षर
- 24 जुलाई 2025, लंदन
- वार्ता संपन्न
- 6 मई 2025
- DCC हस्ताक्षर
- 10 फरवरी 2026
- DCC छूट
- 3 वर्ष से बढ़कर 5 वर्ष
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
भारत–ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) किस तिथि को लागू हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 15 जुलाई 2026
CETA और दोहरा अंशदान अभिसमय 15 जुलाई 2026 को लागू हुए।
भारत–ब्रिटेन CETA भारत के ब्रिटेन को होने वाले निर्यात के लगभग कितने हिस्से को शून्य शुल्क पहुँच देता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 99%
CETA भारत के लगभग 99% निर्यात को शून्य शुल्क पहुँच देता है, जो लगभग 100% व्यापार मूल्य को कवर करता है।
CETA के साथ लागू भारत–ब्रिटेन दोहरा अंशदान अभिसमय के तहत ब्रिटेन में अस्थायी कार्य पर गए भारतीय कर्मियों की छूट अवधि कितने वर्ष कर दी गई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 5 वर्ष
ब्रिटिश सामाजिक सुरक्षा अंशदान से DCC छूट 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई।
भारत–ब्रिटेन CETA के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वार्ता 14 दौर के बाद 6 मई 2025 को संपन्न हुई। 2. CETA पर 24 जुलाई 2025 को लंदन में हस्ताक्षर हुए। 3. दोहरा अंशदान अभिसमय पर CETA के ही दिन हस्ताक्षर हुए। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: दोहरा अंशदान अभिसमय पर बाद में, 10 फरवरी 2026 को हस्ताक्षर हुए।