भारत-ब्रिटेन CETA: वाणिज्य मंत्रालय की कपड़ा, चमड़ा और जूता निर्यातकों से बैठक
28 जुलाई 2025 को वाणिज्य विभाग ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते पर नई दिल्ली में कपड़ा, चमड़ा और जूता क्षेत्र के हितधारकों से संवाद किया।
सारांश
वाणिज्य विभाग ने 28 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) से बने अवसरों पर कपड़ा, चमड़ा और जूता क्षेत्र के हितधारकों के साथ उद्योग संवाद किया। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संदेश में कहा कि ब्रिटेन को भारत का चमड़ा और जूता निर्यात तीन वर्षों में दोगुना होकर 1 अरब अमेरिकी डॉलर होने की संभावना है और CETA से ब्रिटेन के 8.7 अरब डॉलर के चमड़ा और जूता बाज़ार में कोल्हापुरी चप्पल और मोजरी जैसे GI उत्पादों की पहचान बढ़ेगी। CETA भारतीय कपड़ा और परिधान उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुँच देता है, जिससे बांग्लादेश, कंबोडिया और पाकिस्तान जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 12% तक का शुल्क नुकसान समाप्त होता है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 28 जुलाई 2025
- ब्रिटेन को चमड़ा व जूता निर्यात
- 3 वर्षों में दोगुना होकर 1 अरब डॉलर संभावित
- ब्रिटेन का बाज़ार
- 8.7 अरब डॉलर
- GI उत्पाद
- कोल्हापुरी चप्पल, मोजरी
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
वाणिज्य मंत्रालय (28 जुलाई 2025) के अनुसार CETA के तहत ब्रिटेन को भारत का चमड़ा और जूता निर्यात तीन वर्षों में दोगुना होकर कितना होने की संभावना है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 अरब अमेरिकी डॉलर
PIB: ब्रिटेन को चमड़ा और जूता निर्यात तीन वर्षों में दोगुना होकर 1 अरब डॉलर होने की संभावना है। 8.7 अरब डॉलर ब्रिटेन के चमड़ा और जूता बाज़ार का आकार है।
भारत-ब्रिटेन CETA के तहत ब्रिटेन के बाज़ार में किन GI उत्पादों की पहचान बढ़ने का उल्लेख वाणिज्य मंत्रालय ने किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — कोल्हापुरी चप्पल और मोजरी
PIB: CETA से ब्रिटेन के 8.7 अरब डॉलर के चमड़ा और जूता बाज़ार में कोल्हापुरी चप्पल और मोजरी जैसे GI उत्पादों की पहचान बढ़ने की उम्मीद है।