दार एस सलाम में 5वीं भारत–तंज़ानिया संयुक्त व्यापार समिति बैठक; द्विपक्षीय व्यापार 9 अरब डॉलर पार
5वीं भारत–तंज़ानिया संयुक्त व्यापार समिति की बैठक 29–30 अप्रैल 2026 को दार एस सलाम में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की सह-अध्यक्षता में हुई, जिसमें 2025–26 में द्विपक्षीय व्यापार 8.64 अरब डॉलर से बढ़कर 9.02 अरब डॉलर होने का उल्लेख हुआ।
सारांश
भारत–तंज़ानिया संयुक्त व्यापार समिति (JTC) का 5वाँ सत्र 29–30 अप्रैल 2026 को दार एस सलाम में हुआ, जिसकी सह-अध्यक्षता वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और तंज़ानिया के विदेश एवं पूर्वी अफ़्रीकी सहयोग मंत्रालय के स्थायी सचिव राजदूत डॉ. सैमवेल विलियम शेलुकिंडो ने की। सत्र ने अगस्त 2017 में नई दिल्ली में हुई चौथी JTC के बाद की प्रगति की समीक्षा की और बताया कि द्विपक्षीय व्यापार 2024–25 के 8.64 अरब डॉलर से बढ़कर 2025–26 में 9.02 अरब डॉलर हो गया। चर्चा में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान, रत्न और खनन, इंडिया स्टैक सहित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा IIT मद्रास ज़ांज़ीबार की भूमिका शामिल रही; तंज़ानिया में जल परियोजनाओं के लिए भारत की 1.1 अरब डॉलर से अधिक की ऋण-सहायता से 24 शहरों के 60 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्य तथ्य
- बैठक
- 5वीं भारत–तंज़ानिया JTC, दार एस सलाम, 29–30 अप्रैल 2026
- सह-अध्यक्ष
- वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल; राजदूत डॉ. सैमवेल विलियम शेलुकिंडो
- पिछली JTC
- चौथी, नई दिल्ली, अगस्त 2017
- व्यापार
- 9.02 अरब डॉलर (2025–26), 8.64 अरब डॉलर (2024–25) से
- भारतीय ऋण-सहायता
- जल परियोजनाओं के लिए 1.1 अरब डॉलर से अधिक; 60 लाख+ लोग, 24 शहर
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
5वीं भारत–तंज़ानिया संयुक्त व्यापार समिति के अनुसार 2025–26 में भारत–तंज़ानिया द्विपक्षीय व्यापार कितना था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 9.02 अरब डॉलर
द्विपक्षीय व्यापार 2024–25 के 8.64 अरब डॉलर से बढ़कर 2025–26 में 9.02 अरब डॉलर हो गया।
5वीं भारत–तंज़ानिया संयुक्त व्यापार समिति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बैठक 29–30 अप्रैल 2026 को दार एस सलाम में हुई। 2. पिछला (चौथा) सत्र अगस्त 2017 में नई दिल्ली में हुआ था। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं: 5वीं JTC 29–30 अप्रैल 2026 को दार एस सलाम में हुई और इसने अगस्त 2017 में नई दिल्ली में हुए चौथे सत्र के बाद की प्रगति की समीक्षा की।