भारत और सिंगापुर ने नई दिल्ली में व्यापार और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह की चौथी बैठक की
भारत और सिंगापुर ने 14 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में व्यापार और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह की चौथी बैठक की, जो तीसरी भारत–सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक के एक दिन बाद हुई।
सारांश
भारत और सिंगापुर ने 14 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में व्यापार और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह (JWGTI) की चौथी बैठक की, जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के राजेश अग्रवाल और सिंगापुर के बेह स्वान जिन ने की; यह एक दिन पहले हुई तीसरी भारत–सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक के बाद हुई। वर्ष 2025 राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष और 2005 में हस्ताक्षरित भारत–सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) के 20 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। सिंगापुर आसियान में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, 2024–25 में व्यापार 34.26 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, और अप्रैल 2000 से जुलाई 2024 तक 163.85 अरब डॉलर के साथ FDI का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है।
मुख्य तथ्य
- बैठक
- चौथी JWGTI, 14 अगस्त 2025, नई दिल्ली
- सह-अध्यक्ष
- राजेश अग्रवाल (भारत), बेह स्वान जिन (सिंगापुर)
- इससे पहले
- तीसरी भारत–सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक
- पड़ाव
- राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष; CECA (2005) के 20 वर्ष
- व्यापार
- आसियान में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार – 34.26 अरब डॉलर (2024–25)
- FDI
- दूसरा सबसे बड़ा स्रोत – 163.85 अरब डॉलर (अप्रैल 2000–जुलाई 2024)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
वर्ष 2025 भारत–सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) के कितने वर्ष पूरे होने का प्रतीक है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 20
भारत–सिंगापुर CECA पर 2005 में हस्ताक्षर हुए थे, इसलिए 2025 में समझौते के 20 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
अगस्त 2025 में चौथी JWGTI में बताए गए भारत–सिंगापुर आर्थिक संबंधों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. सिंगापुर आसियान में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2. सिंगापुर भारत में FDI का सबसे बड़ा स्रोत है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है: सिंगापुर आसियान में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, 2024–25 में व्यापार 34.26 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। कथन 2 गलत है: सिंगापुर भारत में FDI का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है।