रामसर COP15 में आर्द्रभूमि के लिए सतत जीवनशैली पर भारत का प्रस्ताव पारित
30 जुलाई 2025 को जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में रामसर COP15 ने 'आर्द्रभूमि के बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग हेतु सतत जीवनशैली को बढ़ावा' पर भारत का प्रस्ताव पारित किया।
सारांश
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि 'आर्द्रभूमि के बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग हेतु सतत जीवनशैली को बढ़ावा' पर भारत का प्रस्ताव 30 जुलाई 2025 को जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में रामसर कन्वेंशन के 15वें पक्षकार सम्मेलन (COP15) के पूर्ण सत्र में औपचारिक रूप से पारित हुआ। प्रस्ताव को 172 रामसर अनुबंधकारी पक्षों, छह अंतरराष्ट्रीय संगठन साझेदारों और पर्यवेक्षकों का व्यापक समर्थन मिला। यह आर्द्रभूमि संरक्षण में व्यक्तिगत और सामाजिक विकल्पों की भूमिका को मान्यता देता है, 'संपूर्ण समाज' दृष्टिकोण का समर्थन करता है, प्रस्ताव XIV.8 (नया CEPA दृष्टिकोण) और सतत उत्पादन एवं उपभोग के 10-वर्षीय ढांचे के अनुरूप है, और आर्द्रभूमि प्रबंधन योजनाओं में जीवनशैली-आधारित उपायों को स्वैच्छिक रूप से शामिल करने का आग्रह करता है।
मुख्य तथ्य
- पारित
- 30 जुलाई 2025, रामसर COP15
- स्थान
- विक्टोरिया फॉल्स, जिम्बाब्वे
- समर्थन
- 172 अनुबंधकारी पक्ष
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
रामसर कन्वेंशन का 15वां पक्षकार सम्मेलन (COP15), जिसने 30 जुलाई 2025 को भारत का आर्द्रभूमि प्रस्ताव पारित किया, कहां हुआ?
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सही उत्तर: C — विक्टोरिया फॉल्स, जिम्बाब्वे
रामसर COP15 जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में हुआ।
30 जुलाई 2025 को रामसर COP15 में पारित भारत के प्रस्ताव का शीर्षक क्या था?
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सही उत्तर: B — आर्द्रभूमि के बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग हेतु सतत जीवनशैली को बढ़ावा
प्रस्ताव का शीर्षक 'आर्द्रभूमि के बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग हेतु सतत जीवनशैली को बढ़ावा' था।
पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार रामसर COP15 में भारत के प्रस्ताव को कितने रामसर अनुबंधकारी पक्षों का समर्थन मिला?
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सही उत्तर: A — 172
विज्ञप्ति के अनुसार प्रस्ताव को 172 रामसर अनुबंधकारी पक्षों का समर्थन मिला।