भारत ने हरित इस्पात वर्गीकरण जारी किया, ऐसा करने वाला पहला देश
इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 12 दिसंबर 2024 को विज्ञान भवन में भारत का हरित इस्पात वर्गीकरण (ग्रीन स्टील टैक्सोनॉमी) जारी किया, जिससे भारत हरित इस्पात को परिभाषित करने वाला पहला देश बना।
सारांश
भारत का हरित इस्पात वर्गीकरण केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 12 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में जारी किया, जिससे भारत ऐसा वर्गीकरण जारी करने वाला पहला देश बना। हरित इस्पात उन संयंत्रों के इस्पात को कहा गया है जिनकी उत्सर्जन तीव्रता प्रति टन तैयार इस्पात 2.2 टन CO2 समतुल्य से कम है, और हरितता उस सीमा से कमी के प्रतिशत के रूप में व्यक्त होगी। 1.6 t-CO2e/tfs से कम वाला इस्पात फाइव-स्टार, 1.6-2.0 फोर-स्टार और 2.0-2.2 थ्री-स्टार रेटेड होगा; 2.2 से अधिक वाला पात्र नहीं होगा। सीमाओं की समीक्षा हर तीन वर्ष में होगी, और उत्सर्जन में स्कोप 1, स्कोप 2 और सीमित स्कोप 3 शामिल हैं। राष्ट्रीय द्वितीयक इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएसएसटी) मापन, रिपोर्टिंग और सत्यापन तथा हरितता प्रमाणपत्र और स्टार रेटिंग जारी करने की नोडल एजेंसी है, जो वार्षिक रूप से जारी होंगे।
मुख्य तथ्य
- जारी
- 12 दिसंबर 2024, विज्ञान भवन, एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा
- पहला
- हरित इस्पात वर्गीकरण जारी करने वाला पहला देश भारत
- सीमा
- प्रति टन तैयार इस्पात 2.2 t-CO2e से कम
- फाइव-स्टार
- 1.6 t-CO2e/tfs से कम
- फोर-स्टार / थ्री-स्टार
- 1.6-2.0 / 2.0-2.2 t-CO2e/tfs
- समीक्षा
- हर तीन वर्ष
- नोडल एजेंसी
- एनआईएसएसटी (एमआरवी, प्रमाणपत्र और स्टार रेटिंग, वार्षिक)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
भारत के हरित इस्पात वर्गीकरण (दिसंबर 2024) के तहत फाइव-स्टार हरित-रेटेड इस्पात की उत्सर्जन तीव्रता प्रति टन तैयार इस्पात कितने टन CO2e से कम होनी चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 1.6
पीआईबी (इस्पात): फाइव-स्टार हरित-रेटेड इस्पात की उत्सर्जन तीव्रता 1.6 t-CO2e/tfs से कम है; फोर-स्टार 1.6-2.0, थ्री-स्टार 2.0-2.2, और 2.2 से अधिक वाला इस्पात पात्र नहीं है।
भारत के हरित इस्पात वर्गीकरण के तहत मापन, रिपोर्टिंग और सत्यापन तथा हरितता प्रमाणपत्र जारी करने की नोडल एजेंसी कौन-सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — राष्ट्रीय द्वितीयक इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थान
पीआईबी (इस्पात): राष्ट्रीय द्वितीयक इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएसएसटी) एमआरवी तथा हरितता प्रमाणपत्र और स्टार रेटिंग वार्षिक रूप से जारी करने की नोडल एजेंसी होगा।
भारत के हरित इस्पात वर्गीकरण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत हरित इस्पात वर्गीकरण जारी करने वाला पहला देश है। 2. स्टार-रेटिंग सीमाओं की समीक्षा हर पाँच वर्ष में होगी। 3. प्रति टन तैयार इस्पात 2.2 t-CO2e से अधिक उत्सर्जन तीव्रता वाला इस्पात हरित रेटिंग का पात्र नहीं है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — केवल 1 और 3
पीआईबी (इस्पात): भारत हरित इस्पात वर्गीकरण जारी करने वाला पहला देश है, और 2.2 t-CO2e/tfs से अधिक वाला इस्पात हरित रेटिंग का पात्र नहीं है। कथन 2 गलत है: सीमाओं की समीक्षा हर तीन वर्ष में होगी।