INC-5 में भारत ने प्लास्टिक प्रदूषण संधि के तहत समर्पित बहुपक्षीय कोष का प्रस्ताव रखा
27 नवंबर 2024 को कोरिया गणराज्य के बुसान में INC-5 में भारत ने नई प्लास्टिक प्रदूषण संधि के तहत विकासशील देशों को अनुदान-आधारित वित्त देने के लिए समर्पित बहुपक्षीय कोष का प्रस्ताव रखा।
सारांश
27 नवंबर 2024 को कोरिया गणराज्य के बुसान में अंतर-सरकारी वार्ता समिति के पांचवें सत्र (INC-5) में भारत ने प्लास्टिक प्रदूषण पर नए अंतरराष्ट्रीय कानूनी रूप से बाध्यकारी साधन के लिए समर्पित बहुपक्षीय कोष का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव विकासशील देशों के अनुपालन को विकसित देशों द्वारा उनके संक्रमण की वृद्धिशील लागत वहन करने से जोड़ता है। कोष विकासशील देशों को अनुदान-आधारित वित्त देगा और विकसित देश इसमें योगदान करेंगे। भारत ने विकसित और विकासशील देशों के समान प्रतिनिधित्व वाले एक सहायक निकाय का भी प्रस्ताव रखा, जो कोष की नीतियां और संसाधन वितरण तय करेगा। भारत ने कहा कि यह मॉडल लंबे समय से ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत चल रहा है। INC को 2022 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के पांचवें सत्र (UNEA-5) के प्रस्ताव से अधिदेश मिला था।
मुख्य तथ्य
- मंच
- INC-5, बुसान (कोरिया गणराज्य)
- प्रस्ताव
- समर्पित बहुपक्षीय कोष — विकासशील देशों को अनुदान-आधारित वित्त
- शर्त
- विकासशील देशों का अनुपालन विकसित देशों द्वारा वृद्धिशील संक्रमण लागत वहन करने से जुड़ा
- शासन
- विकसित/विकासशील देशों के समान प्रतिनिधित्व वाला सहायक निकाय
- मॉडल
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का बहुपक्षीय कोष
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
INC-5 में प्लास्टिक प्रदूषण संधि के लिए भारत का प्रस्तावित वित्तीय तंत्र किस अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत चल रहे कोष पर आधारित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
PIB (पर्यावरण मंत्रालय): भारत का प्रस्तावित मॉडल ओज़ोन परत क्षयकारी पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत चल रहा है।
INC-5 में भारत के बहुपक्षीय कोष प्रस्ताव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोष विकासशील देशों को ऋण-आधारित वित्त देगा। 2. इसमें विकसित और विकासशील देशों के समान प्रतिनिधित्व वाले सहायक निकाय का प्रस्ताव है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
PIB (पर्यावरण मंत्रालय): प्रस्तावित कोष अनुदान-आधारित (ऋण-आधारित नहीं) वित्त देगा — 1 गलत। इसमें विकसित और विकासशील देशों के समान प्रतिनिधित्व वाले सहायक निकाय का प्रावधान है — 2 सही।