स्वास्थ्य मंत्रालय: आजादी के बाद से मलेरिया के मामले 97% से अधिक घटे; 2023 में 122 जिलों में शून्य मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 25 दिसंबर 2024 को बताया कि भारत में मलेरिया के वार्षिक मामले आजादी के समय लगभग 7.5 करोड़ से घटकर 2023 में 20 लाख रह गए, और उस वर्ष 122 जिलों में शून्य मामले रहे।
सारांश
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2024 का हवाला देते हुए 25 दिसंबर 2024 को बताया कि भारत में मलेरिया के वार्षिक मामले 97% से अधिक घटकर आजादी के समय अनुमानित 7.5 करोड़ से 2023 में लगभग 20 लाख रह गए, और मलेरिया से मौतें लगभग 8 लाख से घटकर 83 रह गईं। 2023 में 122 जिलों में मलेरिया का कोई मामला नहीं आया। 2015 में उच्च बोझ (श्रेणी 3) वाले 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 2023 में केवल मिजोरम और त्रिपुरा इस श्रेणी में रहे, जबकि 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश श्रेणी 1 में थे, जहां प्रति 1,000 आबादी पर एक से कम मामला है। सरकार राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन ढांचे और राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन रणनीतिक योजना (2023-2027) के तहत 2030 तक मलेरिया-मुक्त दर्जा पाने के लिए काम कर रही है।
मुख्य तथ्य
- मामले
- आजादी के समय लगभग 7.5 करोड़ से 2023 में 20 लाख (97% से अधिक कमी)
- मौतें
- लगभग 8 लाख से 83 (2023)
- शून्य-मामले वाले जिले
- 2023 में 122
- 2023 में श्रेणी 3
- केवल मिजोरम और त्रिपुरा (2015 में 10 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश)
- 2023 में श्रेणी 1
- 24 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (प्रति 1,000 पर 1 से कम)
- रणनीति
- राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन ढांचा; राष्ट्रीय रणनीतिक योजना 2023-2027
- लक्ष्य
- 2030 तक मलेरिया-मुक्त
- संदर्भ
- डब्ल्यूएचओ विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2024
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
25 दिसंबर 2024 के स्वास्थ्य मंत्रालय के अपडेट के अनुसार 2023 में कितने जिलों में मलेरिया के शून्य मामले दर्ज हुए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 122
पीआईबी (स्वास्थ्य मंत्रालय): 2023 में विभिन्न राज्यों के 122 जिलों में मलेरिया के शून्य मामले दर्ज हुए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के दिसंबर 2024 के अपडेट के अनुसार 2023 में कौन-से दो राज्य मलेरिया की उच्च बोझ वाली श्रेणी 3 में बने रहे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — मिजोरम और त्रिपुरा
पीआईबी (स्वास्थ्य मंत्रालय): 2015 में श्रेणी 3 के 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से 2023 में केवल मिजोरम और त्रिपुरा श्रेणी 3 में रहे; ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मेघालय श्रेणी 2 में आ गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के दिसंबर 2024 के अपडेट में उल्लिखित भारत की राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन रणनीतिक योजना की अवधि क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 2023-2027
पीआईबी (स्वास्थ्य मंत्रालय): सरकार राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन ढांचे और राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन रणनीतिक योजना (2023-2027) के जरिए 2030 तक मलेरिया-मुक्त दर्जा पाने के लिए काम कर रही है।