भारत और जापान समुद्री संबंध गहरे करने पर सहमत, अंडमान और लक्षद्वीप में स्मार्ट द्वीपों पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और जापान के उप मंत्री तेरादा योशिमिची ने 2 जून 2025 को ओस्लो में समुद्री संबंध गहरे करने पर सहमति जताई, जिसमें अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप के लिए स्मार्ट द्वीप योजनाएँ शामिल हैं।
सारांश
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 2 जून 2025 को ओस्लो में जापान के भूमि, अवसंरचना, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री तेरादा योशिमिची के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों पक्षों ने जापानी शिपयार्डों के निवेश, बंदरगाह डिजिटलीकरण और हरित बंदरगाहों, अनुसंधान एवं विकास सहयोग, कौशल उन्नयन और जापान में भारतीय नाविकों के रोज़गार पर चर्चा की। उन्होंने द्वीप क्षेत्रों में जापान की विशेषज्ञता के सहारे टिकाऊ प्रौद्योगिकी, आपदा-रोधी अवसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी से अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप द्वीपों को स्मार्ट द्वीप बनाने पर भी चर्चा की।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 2 जून 2025, ओस्लो
- भारत
- सर्बानंद सोनोवाल
- जापान
- उप मंत्री तेरादा योशिमिची
- विषय
- शिपयार्ड निवेश, हरित बंदरगाह, नाविक रोज़गार, अनुसंधान एवं विकास
- स्मार्ट द्वीप
- अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
2 जून 2025 को ओस्लो में वार्ता के दौरान भारत और जापान ने किन भारतीय द्वीप क्षेत्रों को स्मार्ट द्वीप के रूप में विकसित करने पर चर्चा की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप
सर्बानंद सोनोवाल और तेरादा योशिमिची ने द्वीप क्षेत्रों में जापान की विशेषज्ञता के सहारे अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप द्वीपों को स्मार्ट द्वीप बनाने पर चर्चा की।