दीनदयाल बंदरगाह, कांडला में भारत के पहले बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र की आधारशिला रखी गई
26 सितंबर 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी, कांडला में भारत के पहले बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र की आधारशिला रखी।
सारांश
150 टन प्रतिदिन क्षमता वाला यह संयंत्र नवीकरणीय बिजली, पानी और बायोजेनिक CO2 से ई-मेथनॉल बनाएगा और एशिया-यूरोप व्यापार गलियारे पर चलने वाले जहाज़ों को लगभग 750 अमेरिकी डॉलर प्रति टन पर आपूर्ति करेगा, जबकि वैश्विक दर 1,300 डॉलर है। ₹2,300 करोड़ की यह परियोजना दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) और नामरूप स्थित असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (APCL) की 76:24 अनुपात वाली संयुक्त पहल है। चरण I (50 TPD, ₹1,200 करोड़) जनवरी 2027 और चरण II (100 TPD, ₹1,100 करोड़) मार्च 2027 तक लक्षित है। इससे 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार बनने की उम्मीद है और यह नेट ज़ीरो 2070 लक्ष्य का समर्थन करती है।
मुख्य तथ्य
- स्थान
- दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी, कांडला, गांधीधाम, गुजरात
- क्षमता
- 150 टन प्रतिदिन; नवीकरणीय बिजली, पानी, बायोजेनिक CO2
- साझेदार
- DPA और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (नामरूप) — 76:24
- लागत
- ₹2,300 करोड़; चरण I 50 TPD जनवरी 2027 तक, चरण II 100 TPD मार्च 2027 तक
- कीमत
- लगभग 750 डॉलर/टन बनाम वैश्विक 1,300 डॉलर/टन
- रोज़गार
- 3,500+ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
26 सितंबर 2026 को जिसकी आधारशिला रखी गई, भारत का पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र किस बंदरगाह पर है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — दीनदयाल बंदरगाह, कांडला
यह संयंत्र दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी, कांडला, गांधीधाम, गुजरात में बन रहा है।
कांडला ई-मेथनॉल परियोजना में दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी की साझेदार कंपनी कौन सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड
यह परियोजना DPA और नामरूप स्थित असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (APCL) की संयुक्त पहल है।
कांडला ई-मेथनॉल संयंत्र की नियोजित कुल क्षमता कितनी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 150 टन प्रतिदिन
कुल क्षमता 150 TPD है: चरण I में 50 TPD और चरण II में 100 TPD और जुड़ेगा।
कांडला ई-मेथनॉल संयंत्र के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और उसका साझेदार पूंजी बराबर (50:50) साझा करते हैं। 2. संयंत्र से लगभग 1,300 अमेरिकी डॉलर प्रति टन पर ई-मेथनॉल बनने की उम्मीद है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — न 1 न 2
दोनों गलत हैं। DPA:APCL पूंजी अनुपात 76:24 है, और अनुमानित लागत लगभग 750 डॉलर प्रति टन है; 1,300 डॉलर वैश्विक दर है।