भारत का पहला स्वदेशी हाइड्रोजन फ़्यूल सेल यात्री पोत वाराणसी में व्यावसायिक सेवा में
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 दिसंबर 2025 को वाराणसी के नमो घाट पर भारत के पहले पूर्ण स्वदेशी हाइड्रोजन फ़्यूल सेल यात्री पोत के व्यावसायिक संचालन को हरी झंडी दिखाई।
सारांश
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 दिसंबर 2025 को वाराणसी के नमो घाट पर भारत के पहले पूर्ण स्वदेशी हाइड्रोजन फ़्यूल सेल यात्री पोत के व्यावसायिक संचालन को हरी झंडी दिखाई। 50 सीटों वाला 24 मीटर का यह हाइड्रोजन कैटामरान पोत लो टेम्परेचर प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन (LT-PEM) फ़्यूल सेल प्रणाली पर चलता है, जो संग्रहीत हाइड्रोजन को बिजली में बदलती है और केवल पानी छोड़ती है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के स्वामित्व वाले और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस पोत ने परीक्षण संचालन के बाद सेवा शुरू की।
मुख्य तथ्य
- तारीख
- 11 दिसंबर 2025
- स्थान
- नमो घाट, वाराणसी (गंगा)
- हरी झंडी
- सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय मंत्री, MoPSW
- तकनीक
- लो टेम्परेचर PEM फ़्यूल सेल; उप-उत्पाद केवल पानी
- पोत
- 24 मीटर कैटामरान, 50 सीटें
- स्वामी / निर्माता
- IWAI / कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन फ़्यूल सेल यात्री पोत ने 11 दिसंबर 2025 को किस स्थान पर व्यावसायिक सेवा शुरू की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — नमो घाट, वाराणसी
PIB 2202412: सर्बानंद सोनोवाल ने नमो घाट, वाराणसी पर पोत के व्यावसायिक संचालन को हरी झंडी दिखाई।
IWAI के स्वामित्व वाले भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन फ़्यूल सेल यात्री पोत का निर्माण किस शिपयार्ड ने किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
PIB 2202412: भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाले इस पोत का निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया।
11 दिसंबर 2025 को वाराणसी में शुरू हुए हाइड्रोजन यात्री पोत को किस प्रकार की फ़्यूल सेल प्रणाली चलाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — लो टेम्परेचर प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ़्यूल सेल
PIB 2202412: पोत लो टेम्परेचर प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ़्यूल सेल प्रणाली पर चलता है, जो हाइड्रोजन को बिजली में बदलती है और केवल पानी छोड़ती है।