भारत और ऑस्ट्रेलिया ने यूरेनियम आपूर्ति सक्षम करने वाली प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया
9 जुलाई 2026 को मेलबर्न शिखर सम्मेलन में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने वह प्रशासनिक व्यवस्था अंतिम की, जो 2014 के असैन्य परमाणु समझौते को लागू करती है और भारत को ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम निर्यात सक्षम करती है।
सारांश
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन में असैन्य परमाणु सहयोग समझौते के तहत प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया। यह व्यवस्था 2014 में हस्ताक्षरित समझौते को लागू करती है और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा उपायों के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत को ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम के दीर्घकालिक निर्यात को सक्षम बनाती है। ऑस्ट्रेलिया के पास विश्व के सबसे बड़े यूरेनियम संसाधन हैं, जो वैश्विक कुल के एक-तिहाई से अधिक हैं। भारत सात स्थलों पर 24 परमाणु रिएक्टर चलाता है जिनकी क्षमता 8.78 GW है, और परमाणु ऊर्जा मिशन का लक्ष्य 2047 तक 100 GW है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 9 जुलाई 2026, मेलबर्न
- लागू करता है
- 2014 का असैन्य परमाणु समझौता
- सुरक्षा उपाय
- IAEA
- भारत
- 24 रिएक्टर, 8.78 GW
- लक्ष्य
- 2047 तक 100 GW
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जुलाई 2026 के मेलबर्न शिखर सम्मेलन में अंतिम की गई प्रशासनिक व्यवस्था किस वर्ष हस्ताक्षरित भारत–ऑस्ट्रेलिया असैन्य परमाणु समझौते को लागू करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 2014
यह व्यवस्था 2014 में हस्ताक्षरित भारत–ऑस्ट्रेलिया असैन्य परमाणु समझौते को लागू करती है।
जुलाई 2026 की व्यवस्था के तहत भारत को ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम निर्यात किस संस्था के सुरक्षा उपायों के अंतर्गत होगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA)
व्यवस्था शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए IAEA सुरक्षा उपायों के तहत यूरेनियम निर्यात सक्षम करती है।
भारत–ऑस्ट्रेलिया असैन्य परमाणु सहयोग पर PIB की जुलाई 2026 पृष्ठभूमि के अनुसार निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऑस्ट्रेलिया के पास विश्व के सबसे बड़े यूरेनियम संसाधन हैं, जो वैश्विक कुल के एक-तिहाई से अधिक हैं। 2. भारत 8.78 GW स्थापित क्षमता वाले 24 परमाणु रिएक्टर चलाता है। 3. भारत के परमाणु ऊर्जा मिशन का लक्ष्य 2047 तक 50 GW है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: परमाणु ऊर्जा मिशन का लक्ष्य 2047 तक 100 GW है।