भारत ने बाढ़ प्रभावित नेपाल को दिसंबर 2026 तक 654 मेगावाट तक बिजली निर्यात को मंज़ूरी दी
14 सितंबर 2026 को विद्युत मंत्रालय ने नेपाल के जलविद्युत संयंत्रों को बाढ़ से नुकसान के बाद 13 सितंबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रतिदिन 18 घंटे नेपाल विद्युत प्राधिकरण को बिजली निर्यात की मंज़ूरी की घोषणा की।
सारांश
विद्युत मंत्रालय ने मुज़फ़्फ़रपुर–ढालकेबर 400 kV डबल सर्किट लाइन से 600 मेगावाट तक और टनकपुर–महेंद्रनगर 132 kV सिंगल सर्किट लाइन से 54 मेगावाट तक बिजली नेपाल को निर्यात करने की मंज़ूरी दी। बिजली 13 सितंबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रतिदिन 18 घंटे (आधी रात से 18:00 बजे तक) भेजी जाएगी, और जनवरी 2027 से मात्रा की समीक्षा दिसंबर में होगी। हाल की बाढ़ ने नेपाल के जलविद्युत ढांचे को नुकसान पहुँचाया और घरेलू उत्पादन घटा दिया। मुज़फ़्फ़रपुर बिहार में और टनकपुर उत्तराखंड में है। मुज़फ़्फ़रपुर–ढालकेबर लाइन, नेपाल के साथ भारत की पहली उच्च क्षमता वाली सीमा-पार लाइन, 19 फरवरी 2016 को चालू हुई थी और 20 फरवरी 2016 को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 14 सितंबर 2026, विद्युत मंत्रालय
- अवधि
- 13 सितंबर – 31 दिसंबर 2026; प्रतिदिन 18 घंटे (00:00–18:00)
- मार्ग 1
- मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार)–ढालकेबर 400 kV D/C लाइन से 600 मेगावाट तक
- मार्ग 2
- टनकपुर (उत्तराखंड)–महेंद्रनगर 132 kV S/C लाइन से 54 मेगावाट तक
- कारण
- बाढ़ से नेपाल के जलविद्युत ढांचे को नुकसान
- पृष्ठभूमि
- मुज़फ़्फ़रपुर–ढालकेबर लाइन 19 फरवरी 2016 को चालू; 20 फरवरी 2016 को दोनों PM ने समर्पित की
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
14 सितंबर 2026 को घोषित मंज़ूरी के तहत भारत मुज़फ़्फ़रपुर–ढालकेबर लाइन से नेपाल को कितनी बिजली तक निर्यात कर सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 600 मेगावाट
मुज़फ़्फ़रपुर–ढालकेबर 400 kV लाइन से 600 मेगावाट तक और टनकपुर–महेंद्रनगर 132 kV लाइन से 54 मेगावाट तक बिजली जा सकती है।
नेपाल को बिजली निर्यात में प्रयुक्त टनकपुर–महेंद्रनगर लाइन भारत के किस राज्य से शुरू होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — उत्तराखंड
टनकपुर उत्तराखंड में है; टनकपुर–महेंद्रनगर 132 kV लाइन से 54 मेगावाट तक बिजली जाएगी।
मुज़फ़्फ़रपुर–ढालकेबर ट्रांसमिशन लाइन के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें: 1. यह बिहार और नेपाल के बीच 400 kV डबल सर्किट लाइन है। 2. फरवरी 2016 में भारत और नेपाल के प्रधानमंत्रियों ने इसे संयुक्त रूप से समर्पित किया था। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। 400 kV D/C मुज़फ़्फ़रपुर–ढालकेबर लाइन 19 फरवरी 2016 को चालू हुई और 20 फरवरी 2016 को दोनों प्रधानमंत्रियों ने इसे समर्पित किया।