इनकॉइस हैदराबाद को सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (इनकॉइस), हैदराबाद को 23 जनवरी 2025 को संस्थागत श्रेणी में सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया।
सारांश
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (इनकॉइस), हैदराबाद को 23 जनवरी 2025 को 297 नामांकनों में से संस्थागत श्रेणी में सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2025 का विजेता घोषित किया गया। यह पुरस्कार हर वर्ष 23 जनवरी, नेताजी की जयंती, पर घोषित होता है; संस्था को ₹51 लाख और प्रमाणपत्र तथा व्यक्ति को ₹5 लाख और प्रमाणपत्र मिलता है। 1999 में स्थापित इनकॉइस भारतीय सुनामी पूर्व चेतावनी केंद्र चलाता है, जो भारत और हिंद महासागर के 28 देशों के लिए 10 मिनट के भीतर सुनामी चेतावनी जारी करता है; इसने सर्च एंड रेस्क्यू एडेड टूल (सारत) और सिनऑप्स प्लेटफ़ॉर्म भी विकसित किए हैं।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 23 जनवरी 2025
- विजेता
- इनकॉइस, हैदराबाद (संस्थागत श्रेणी)
- नामांकन
- 297
- पुरस्कार राशि
- ₹51 लाख + प्रमाणपत्र (संस्था); ₹5 लाख + प्रमाणपत्र (व्यक्ति)
- इनकॉइस स्थापना
- 1999, हैदराबाद, तेलंगाना
- आईटीईडब्ल्यूसी
- 10 मिनट में सुनामी चेतावनी; भारत और हिंद महासागर के 28 देश
- उपकरण
- सारत (खोज और बचाव), सिनऑप्स प्लेटफ़ॉर्म
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
संस्थागत श्रेणी में सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2025 के लिए किस संस्था को चुना गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — इनकॉइस, हैदराबाद
PIB 2095323: भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (इनकॉइस), हैदराबाद को चुना गया।
सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार में संस्था को कितनी नकद राशि मिलती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹51 लाख
PIB 2095323: संस्था को ₹51 लाख और प्रमाणपत्र; व्यक्ति को ₹5 लाख और प्रमाणपत्र।
इनकॉइस के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना 1999 में हैदराबाद में हुई। 2. इसका सुनामी चेतावनी केंद्र भारत और हिंद महासागर के 28 देशों के लिए 10 मिनट में चेतावनी देता है। 3. इसने सर्च एंड रेस्क्यू एडेड टूल (सारत) विकसित किया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
PIB 2095323: इनकॉइस 1999 में हैदराबाद में स्थापित हुआ, इसका आईटीईडब्ल्यूसी भारत और 28 देशों को 10 मिनट में चेतावनी देता है और इसने सारत विकसित किया।