जितेंद्र सिंह ने दीक्षांत समारोह में 1847 में स्थापित IIT रुड़की को एशिया का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज बताया
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 5 सितंबर 2025 को IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में 1847 में स्थापित इस संस्थान को एशिया का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज बताया।
सारांश
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 5 सितंबर 2025 को उत्तराखंड में IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में संबोधन दिया और 1847 में स्थापित इस संस्थान को एशिया का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज तथा अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक जुड़ाव को जोड़ने वाला आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि पहले रुड़की विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाने वाला यह संस्थान IIT बना और एक दिन पहले जारी राष्ट्रीय रैंकिंग में देश में छठे स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि IIT रुड़की के लगभग 240 स्टार्टअप इसके महत्व का प्रमाण हैं और संस्थान से आपदा प्रबंधन से लेकर सुगंधित अर्थव्यवस्था तक हिमालयी अध्ययन करने का आग्रह किया।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- IIT रुड़की दीक्षांत समारोह, 5 सितंबर 2025
- स्थापना
- 1847; एशिया का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज
- पूर्व नाम
- रुड़की विश्वविद्यालय
- राष्ट्रीय रैंकिंग
- छठा (4 सितंबर 2025 को जारी)
- स्टार्टअप
- ~240
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
2025 के दीक्षांत समारोह में एशिया के पहले इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में सराहे गए IIT रुड़की की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 1847
डॉ. जितेंद्र सिंह ने 1847 में स्थापित IIT रुड़की को एशिया का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज बताया।
IIT बनने से पहले IIT रुड़की किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — रुड़की विश्वविद्यालय
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि IIT बनने से पहले यह संस्थान रुड़की विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता था।