मई 2026 में IIP 5.1% बढ़ा; MoSPI ने अपस्फीतिकारक के रूप में आउटपुट PPI अपनाया
MoSPI ने 29 जून 2026 को बताया कि मई 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक साल-दर-साल 5.1% बढ़ा; मंत्रालय ने 2022-23 आधार वाली IIP शृंखला WPI की जगह आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक से दोबारा जारी की।
सारांश
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 29 जून 2026 को बताया कि मई 2026 में भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में साल-दर-साल 5.1% वृद्धि हुई, जिसमें विनिर्माण की 5.5% और बिजली व गैस आपूर्ति की 9.9% वृद्धि का योगदान रहा। MoSPI ने आधार वर्ष 2022-23 वाली पूरी IIP शृंखला को संशोधित कर थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की जगह DPIIT द्वारा 15 जून 2026 को जारी आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (आउटपुट PPI) को अपस्फीतिकारक बनाया। बदलाव IIP टोकरी के 463 में से 234 मद समूहों पर लागू है, जो मूल्य-आधारित आंकड़ों से बनते हैं और सूचकांक भार का 36.02% रखते हैं; यह 1 जून 2026 को जारी WPI-आधारित शृंखला का स्थान लेता है।
मुख्य तथ्य
- मई 2026 वृद्धि
- 5.1%
- विनिर्माण
- 5.5%
- बिजली और गैस
- 9.9%
- आधार वर्ष
- 2022-23
- नया अपस्फीतिकारक
- आउटपुट PPI
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
29 जून 2026 की MoSPI विज्ञप्ति के अनुसार मई 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक साल-दर-साल कितना बढ़ा?
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सही उत्तर: D — 5.1%
मई 2026 में IIP 5.1% बढ़ा। 5.5% विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि है।
मई 2026 के IIP में किस क्षेत्र ने 9.9% वृद्धि दर्ज की?
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सही उत्तर: B — बिजली और गैस आपूर्ति
मई 2026 में बिजली और गैस आपूर्ति 9.9% और विनिर्माण 5.5% बढ़ा।
जून 2026 में जारी संशोधित IIP शृंखला (आधार 2022-23) में मूल्य के रूप में दर्ज मद समूहों के लिए थोक मूल्य सूचकांक की जगह किस सूचकांक को अपस्फीतिकारक बनाया गया?
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सही उत्तर: A — आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक
MoSPI ने 463 में से 234 मद समूहों (36.02% भार) के लिए WPI की जगह DPIIT द्वारा 15 जून 2026 को आधार 2022-23 के साथ जारी आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक अपनाया।