आईआईए अध्ययन: कोरोनल होल की मदद से एक 'स्टेल्थ' सौर सीएमई ने तीव्र भू-चुंबकीय तूफान पैदा किया
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने पाया कि 19 मार्च 2023 के एक कमज़ोर 'स्टेल्थ' कोरोनल मास इजेक्शन ने, पास के कोरोनल होल की मदद से, पृथ्वी पर तीव्र भू-चुंबकीय तूफान पैदा किया।
सारांश
डीएसटी ने 30 जनवरी 2026 को बताया कि पी. वेमारेड्डी के नेतृत्व में IIA के शोधकर्ताओं ने 19 मार्च 2023 के एक स्टेल्थ कोरोनल मास इजेक्शन (CME) का अध्ययन किया, जिससे लगभग तीन दिन बाद पृथ्वी पर तीव्र तूफान आया। ऐसे CME के साथ एक्स-रे फ्लेयर या रेडियो बर्स्ट नहीं दिखते, इसलिए इनका पूर्वानुमान कठिन है; लगभग 10% तीव्र भू-चुंबकीय तूफान ऐसे कमज़ोर विस्फोटों से आते हैं। पास के कोरोनल होल ने संभवतः CME को पृथ्वी तक पहुँचाया। टीम ने नासा के सोलर डायनेमिक्स ऑब्ज़र्वेटरी, सोलर ऑर्बिटर, STEREO-A और WIND के आंकड़े उपयोग किए।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), डीएसटी के अधीन स्वायत्त
- प्रमुख लेखक
- पी. वेमारेड्डी
- अध्ययन की घटना
- 19 मार्च 2023 का स्टेल्थ CME; लगभग 3 दिन बाद तीव्र तूफान
- मुख्य निष्कर्ष
- पास के कोरोनल होल ने कमज़ोर CME को पृथ्वी तक पहुँचाया
- ऐसे तूफानों का हिस्सा
- लगभग 10% तीव्र भू-चुंबकीय तूफान
- अंतरिक्षयान आंकड़े
- SDO, सोलर ऑर्बिटर, STEREO-A, WIND
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
जनवरी 2026 में तीव्र भू-चुंबकीय तूफान पैदा करने वाले 'स्टेल्थ' कोरोनल मास इजेक्शन पर अध्ययन किस संस्थान के शोधकर्ताओं ने किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु
PIB: स्टेल्थ CME का अध्ययन डीएसटी के स्वायत्त संस्थान भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के शोधकर्ताओं ने किया; प्रमुख लेखक पी. वेमारेड्डी।