IIA अध्ययन: ब्लैक होल का विकिरण और रेडियो जेट मिलकर गैस बाहर निकालते हैं, जिससे तारों का निर्माण दब सकता है
PIB के 21 अक्टूबर 2025 के अनुसार, भारतीय तारा भौतिकी संस्थान के नेतृत्व में हुए अध्ययन में पाया गया कि अतिविशाल ब्लैक होल का विकिरण और उनके रेडियो जेट मिलकर आकाशगंगाओं के केंद्र से गैस बाहर धकेलते हैं, जिससे नए तारों का निर्माण दब सकता है।
सारांश
PIB के 21 अक्टूबर 2025 के अनुसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA) के खगोलविदों के नेतृत्व में हुए अध्ययन में पाया गया कि अतिविशाल ब्लैक होल के आसपास का तीव्र विकिरण और उनसे निकलने वाले तेज जेट, दोनों मिलकर आकाशगंगाओं के केंद्र से गैस बाहर निकाल सकते हैं, जिससे नए तारों का जन्म दब सकता है। अमेरिका स्थित स्लोन डिजिटल स्काई सर्वे (ऑप्टिकल) और वेरी लार्ज ऐरे (रेडियो) के अभिलेखीय डेटा से टीम ने सक्रिय आकाशगंगीय नाभिक वाली 500 से अधिक नजदीकी आकाशगंगाओं का अध्ययन किया। विकिरण मुख्य कारक है, लेकिन रेडियो में दिखने वाली आकाशगंगाओं में बहिर्प्रवाह (56%) रेडियो उत्सर्जन रहित आकाशगंगाओं (25%) की तुलना में दोगुने से अधिक संभावित था, और इसकी गति 2,000 किमी प्रति सेकंड तक पहुंच सकती है। PhD छात्रा पायल नंदी मुख्य लेखिका हैं।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (DST)
- नमूना
- सक्रिय आकाशगंगीय नाभिक वाली 500+ नजदीकी आकाशगंगाएं
- डेटा
- SDSS (ऑप्टिकल) और VLA (रेडियो)
- बहिर्प्रवाह संभावना
- रेडियो वाली 56% बनाम बिना रेडियो 25%
- गति
- 2,000 किमी/सेकंड तक
- मुख्य लेखिका
- पायल नंदी
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2025 का अध्ययन, जिसमें दिखाया गया कि ब्लैक होल का विकिरण और रेडियो जेट मिलकर आकाशगंगीय गैस बहिर्प्रवाह चलाते हैं, किस संस्थान के खगोलविदों के नेतृत्व में हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — भारतीय तारा भौतिकी संस्थान
PIB: अध्ययन DST के स्वायत्त संस्थान भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA) के खगोलविदों के नेतृत्व में हुआ।
IIA अध्ययन (अक्टूबर 2025) के अनुसार सक्रिय आकाशगंगीय नाभिक से चलने वाले गैस बहिर्प्रवाह की गति अधिकतम कितनी हो सकती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 2,000 किमी/से
PIB: ये शक्तिशाली हवाएं 2,000 किमी प्रति सेकंड तक की गति से चल सकती हैं, जो आकाशगंगा के गुरुत्वाकर्षण से बच निकलने के लिए पर्याप्त है।