ICMR अध्ययन: दवा-प्रतिरोधी TB के लिए छह महीने की पूर्णतः मौखिक दवा व्यवस्था भारत में किफ़ायती
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 12 फरवरी 2026 को जारी ICMR–राष्ट्रीय क्षय रोग अनुसंधान संस्थान के अध्ययन में पाया गया कि दवा-प्रतिरोधी TB के लिए छह महीने की पूर्णतः मौखिक BPaL और BPaLM व्यवस्थाएँ भारत में किफ़ायती हैं।
सारांश
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 12 फरवरी 2026 को जारी ICMR–राष्ट्रीय क्षय रोग अनुसंधान संस्थान (ICMR-NIRT) के आर्थिक मूल्यांकन में पाया गया कि बहु-दवा-प्रतिरोधी और रिफ़ैम्पिसिन-प्रतिरोधी TB के लिए छह महीने की छोटी पूर्णतः मौखिक दवा व्यवस्थाएँ भारत में किफ़ायती हैं। इंडियन जर्नल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित अध्ययन ने BPaL (बेडाक्विलिन, प्रेटोमैनिड और लिनेज़ोलिड) और BPaLM (मोक्सीफ़्लॉक्सासिन सहित) की तुलना राष्ट्रीय TB उन्मूलन कार्यक्रम में प्रयुक्त 9–11 महीने और 18–20 महीने की व्यवस्थाओं से की। BPaL अधिक प्रभावी और लागत-बचत वाली रही, जिसमें प्रत्येक अतिरिक्त गुणवत्ता-समायोजित जीवन वर्ष पर प्रति मरीज़ ₹379 की बचत हुई।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 12 फरवरी 2026
- द्वारा
- ICMR-NIRT
- व्यवस्थाएँ
- BPaL और BPaLM, छह महीने, पूर्णतः मौखिक
- BPaL
- बेडाक्विलिन, प्रेटोमैनिड, लिनेज़ोलिड
- निष्कर्ष
- BPaL लागत-बचत: प्रति QALY ₹379 कम
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
फरवरी 2026 के ICMR अध्ययन में किफ़ायती पाई गई दवा-प्रतिरोधी TB की BPaL व्यवस्था में ‘P’ का अर्थ है:
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — प्रेटोमैनिड
BPaL में बेडाक्विलिन, प्रेटोमैनिड और लिनेज़ोलिड हैं; BPaLM में मोक्सीफ़्लॉक्सासिन भी है।