ICAR-CISH और APEDA के समुद्री शिपमेंट प्रोटोकॉल से आंध्र के बंगनपल्ली आम समुद्र मार्ग से सिंगापुर पहुंचे
कृषि मंत्रालय और APEDA ने 25 जून 2026 को बताया कि ICAR-CISH, लखनऊ द्वारा APEDA के साथ विकसित वैज्ञानिक समुद्री शिपमेंट प्रोटोकॉल से आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली आम समुद्र मार्ग से सिंगापुर पहुंचे।
सारांश
कृषि मंत्रालय और APEDA ने 25 जून 2026 को बताया कि आंध्र प्रदेश के GAP-प्रमाणित बागों के बंगनपल्ली आम रीफ़र कंटेनर में समुद्र मार्ग से सिंगापुर पहुंचे, जिसके लिए ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (ICAR-CISH), लखनऊ ने APEDA के साथ वैज्ञानिक समुद्री शिपमेंट प्रोटोकॉल विकसित किया। समुद्री मार्ग से लॉजिस्टिक्स लागत अनुमानित ₹13-20 प्रति किलो रह जाती है, जबकि हवाई मार्ग से यह ₹150-250 प्रति किलो है। प्रोटोकॉल में हॉट वाटर ट्रीटमेंट और ICAR-CISH की तकनीक CISH-मेट वॉश का उपयोग होता है, और ICAR-CISH ने समुद्री शिपमेंट में आम की शेल्फ लाइफ 30 दिन तक बढ़ा दी है।
मुख्य तथ्य
- प्रोटोकॉल
- ICAR-CISH, लखनऊ और APEDA
- लागत
- समुद्र ₹13-20/किलो बनाम हवाई ₹150-250/किलो
- शेल्फ लाइफ
- 30 दिन तक
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
समुद्री मार्ग से आम निर्यात का वैज्ञानिक प्रोटोकॉल, जिससे जून 2026 में बंगनपल्ली आम सिंगापुर पहुंचे, ICAR-CISH ने APEDA के साथ विकसित किया। ICAR-CISH कहां स्थित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — लखनऊ
प्रोटोकॉल ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (ICAR-CISH), लखनऊ ने APEDA के सहयोग से विकसित किया।
ICAR (जून 2026) के अनुसार समुद्र मार्ग से आम निर्यात की अनुमानित लॉजिस्टिक्स लागत हवाई मार्ग की तुलना में कितनी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — समुद्र ₹13-20 प्रति किलो बनाम हवाई ₹150-250 प्रति किलो
समुद्री मार्ग से लॉजिस्टिक्स लागत अनुमानित ₹13-20 प्रति किलो रह जाती है, जबकि हवाई मार्ग से ₹150-250 प्रति किलो है।