I4C ने कंपनियों को 'बॉस स्कैम' व्हाट्सऐप अकाउंट टेकओवर मैलवेयर से सावधान किया
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने 7 अगस्त 2026 को 'बॉस स्कैम' की चेतावनी दी, जिसमें खाता-विवरण और RBI के नाम वाली दुर्भावनापूर्ण फ़ाइलें अधिकारियों के व्हाट्सऐप खाते हथियाकर वित्त कर्मचारियों से पैसे ट्रांसफ़र कराती हैं।
सारांश
गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने 7 अगस्त 2026 को कंपनियों और वित्त पेशेवरों को 'बॉस स्कैम' से सावधान किया। इस धोखाधड़ी में खाता विवरण, MCA या RBI फ़ाइलों के रूप में छिपा स्वयं फैलने वाला मैलवेयर वरिष्ठ अधिकारियों के व्हाट्सऐप खाते हथिया लेता है, जिनसे वित्त कर्मचारियों को म्यूल खातों में पैसे भेजने का निर्देश दिया जाता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी निदेशक और CFO मुख्य निशाने पर हैं। I4C ने 30 दिनों में SMS हेडर 'I4CMHA-G' से 58,000 से अधिक संभावित पीड़ितों को सतर्क किया, और सहयोग पोर्टल के ज़रिए कमांड-एंड-कंट्रोल सर्वरों की जियो-ब्लॉकिंग से 10,000 से अधिक भारतीयों को बचाया गया।
मुख्य तथ्य
- चेतावनी
- भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), गृह मंत्रालय
- धोखाधड़ी
- 'बॉस स्कैम' – दुर्भावनापूर्ण फ़ाइलों से व्हाट्सऐप टेकओवर
- निशाना
- CA, कंपनी निदेशक, CFO, वित्त टीमें
- सतर्क किए गए
- 58,000+ SMS हेडर 'I4CMHA-G' से
- बचाए गए
- 10,000+ सहयोग पोर्टल पर C2 सर्वर जियो-ब्लॉकिंग से
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
2026 में 'बॉस स्कैम' के संभावित पीड़ितों को सतर्क करने के लिए I4C ने किस SMS हेडर का उपयोग किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — I4CMHA-G
I4C ने 30 दिनों में SMS हेडर 'I4CMHA-G' से 58,000 से अधिक संभावित पीड़ितों को सूचित किया।
किस पोर्टल के ज़रिए 'बॉस स्कैम' के कमांड-एंड-कंट्रोल सर्वरों की जियो-ब्लॉकिंग से 10,000 से अधिक भारतीयों को बचाया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — सहयोग पोर्टल
सहयोग पोर्टल के ज़रिए C2 सर्वरों की जियो-ब्लॉकिंग से 10,000 से अधिक भारतीयों को बचाया गया।