हूल दिवस: प्रधानमंत्री ने संथाल हूल के नायकों को श्रद्धांजलि दी
30 जून 2025 को हूल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संथाल विद्रोह के नायकों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो को श्रद्धांजलि दी; रांची में झारखंड के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने भी नमन किया।
सारांश
हूल दिवस 30 जून 2025 को झारखंड और पूरे देश में मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी समाज के साहस और संथाल विद्रोह के स्वतंत्रता सेनानियों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो को श्रद्धांजलि दी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी शहीदों को नमन किया। हूल दिवस उस संथाल हूल (विद्रोह) की याद में मनाया जाता है जो 30 जून 1855 को वर्तमान झारखंड के भोगनाडीह गाँव से सिदो और कान्हू मुर्मू भाइयों के नेतृत्व में शुरू हुआ था (स्थैतिक)।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 30 जून (हूल दिवस)
- नायक
- सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो
- उत्पत्ति (स्थैतिक)
- 30 जून 1855, भोगनाडीह (वर्तमान झारखंड); सिदो और कान्हू मुर्मू
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
30 जून को मनाया जाने वाला हूल दिवस किस विद्रोह की स्मृति में है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — संथाल हूल (संथाल विद्रोह)
PIB: हूल दिवस पर ऐतिहासिक संथाल विद्रोह को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो को नमन किया। द हिंदू: हूल दिवस संथाल विद्रोह की स्मृति में है।
संथाल हूल 1855 में वर्तमान झारखंड के किस गाँव से शुरू हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — भोगनाडीह
द हिंदू: विद्रोह भोगनाडीह गाँव से शुरू हुआ। इंडिया टुडे: 30 जून 1855 को क्रांति भोगनाडीह से शुरू हुई।
हूल दिवस 2025 के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री ने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो को श्रद्धांजलि दी। 2. संथाल हूल का नेतृत्व सिदो और कान्हू मुर्मू भाइयों ने किया। 3. विद्रोह 30 जून 1855 को शुरू हुआ। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं: कथन 1 (PIB), कथन 2 (द हिंदू: दो भाइयों सिदो और कान्हू मुर्मू ने नेतृत्व किया), कथन 3 (इंडिया टुडे: 30 जून 1855)।