हिमाचल ने जलाशय मछुआरों के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू की
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 26 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू की, जिसके तहत वार्षिक मत्स्य आखेट प्रतिबंध के दौरान पात्र जलाशय मछुआरों को हर वर्ष ₹3,500 मिलेंगे।
सारांश
यह योजना मछलियों के प्रजनन के लिए लगने वाले प्रतिबंध काल में आय खोने वाले मछुआरों की सहायता करती है। इसमें पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्य और वैध मत्स्य लाइसेंस वाले सक्रिय जलाशय मछुआरे शामिल हैं; भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से होगा। गोबिंद सागर, पौंग बांध, कोल बांध, चमेरा और रणजीत सागर जलाशयों से जुड़े लगभग 3,700 मछुआरा परिवारों को हर वर्ष लाभ मिलने की उम्मीद है; राज्य पर सालाना लगभग ₹1.20 करोड़ का खर्च आएगा।
मुख्य तथ्य
- योजना
- मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना
- शुभारंभ
- 26 जुलाई 2026, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
- लाभ
- प्रतिबंध काल में ₹3,500 प्रति वर्ष, DBT से
- लाभार्थी
- लगभग 3,700 परिवार
- जलाशय
- गोबिंद सागर, पौंग, कोल, चमेरा, रणजीत सागर
- वार्षिक खर्च
- लगभग ₹1.20 करोड़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जुलाई 2026 में शुरू की गई हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत पात्र जलाशय मछुआरों को प्रतिबंध काल में हर वर्ष कितनी राशि मिलेगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹3,500
पात्र लाभार्थियों को प्रतिबंध काल में हर वर्ष ₹3,500 DBT से मिलेंगे।
निम्नलिखित में से कौन-सा जलाशय हिमाचल की मछुआरा सम्मान निधि योजना (2026) में शामिल जलाशयों की सूची में नहीं है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — भाखड़ा की नंगल झील
सूचीबद्ध जलाशय हैं – गोबिंद सागर, पौंग बांध, कोल बांध, चमेरा और रणजीत सागर।