स्वास्थ्य मंत्रालय: तेल और चीनी बोर्ड की सलाह एक प्रेरणा है, स्नैक्स पर चेतावनी लेबल नहीं
15 जुलाई 2025 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थलों पर तेल और चीनी बोर्ड लगाने की उसकी सलाह समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल का निर्देश नहीं देती।
सारांश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 जुलाई 2025 को कहा कि समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल के निर्देश का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्टें भ्रामक और निराधार हैं। मंत्रालय की सलाह में लॉबी, कैंटीन, कैफेटेरिया और मीटिंग रूम जैसे कार्यस्थलों पर छिपी वसा और अधिक चीनी के बारे में व्यवहारगत प्रेरणा के रूप में तेल और चीनी बोर्ड लगाने को कहा गया है, ताकि बढ़ते मोटापे से लड़ा जा सके। मंत्रालय ने कहा कि सलाह भारतीय स्नैक्स या स्ट्रीट फूड संस्कृति को निशाना नहीं बनाती।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 15 जुलाई 2025
- सलाह
- कार्यस्थलों पर तेल और चीनी बोर्ड
- स्पष्टीकरण
- खाद्य उत्पादों पर कोई चेतावनी लेबल नहीं
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
15 जुलाई 2025 के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मंत्रालय की सलाह कार्यस्थलों पर व्यवहारगत प्रेरणा के रूप में तेल और चीनी बोर्ड लगाने को कहती है। 2. सलाह विक्रेताओं को समोसा, जलेबी और लड्डू पर चेतावनी लेबल लगाने का निर्देश देती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
PIB (स्वास्थ्य मंत्रालय): सलाह कार्यस्थलों पर व्यवहारगत प्रेरणा के रूप में तेल और चीनी बोर्ड लगाने के बारे में है, अतः 1 सही; यह विक्रेताओं द्वारा बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल का निर्देश नहीं देती, अतः 2 गलत।