ICMR, NCDC अध्ययनों में COVID-19 टीकाकरण और अचानक मौतों में कोई सीधा संबंध नहीं
2 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ICMR और NCDC के अध्ययनों से 18–45 वर्ष के वयस्कों में अचानक अस्पष्ट मौतों और COVID-19 टीकाकरण के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया।
सारांश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2 जुलाई 2025 को कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के अध्ययनों से COVID-19 टीकाकरण और अचानक मौतों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया, और भारत में COVID-19 टीके सुरक्षित व प्रभावी हैं। ICMR के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान का एक अध्ययन 18–45 वर्ष के वयस्कों में अस्पष्ट अचानक मौतों पर बहुकेंद्रीय मिलान-आधारित केस–कंट्रोल अध्ययन था, जो मई से अगस्त 2023 के बीच 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 47 तृतीयक अस्पतालों में हुआ। मंत्रालय ने कहा कि अचानक हृदय मृत्यु आनुवंशिकी, जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियों और COVID के बाद की जटिलताओं से हो सकती है।
मुख्य तथ्य
- निष्कर्ष
- टीकाकरण और अचानक मौतों में कोई सीधा संबंध नहीं
- NIE अध्ययन
- मई–अगस्त 2023; 19 राज्य/UT के 47 अस्पताल
- आयु
- 18–45 वर्ष
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अचानक अस्पष्ट मौतों पर ICMR–NCDC अध्ययन (जुलाई 2025) किस आयु वर्ग के वयस्कों पर केंद्रित थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 18–45 वर्ष
स्वास्थ्य मंत्रालय: ICMR और NCDC ने विशेषकर 18 से 45 वर्ष के युवा वयस्कों में अचानक अस्पष्ट मौतों के कारण समझने का प्रयास किया।
19 राज्यों/UT के 47 अस्पतालों में अचानक मौतों पर बहुकेंद्रीय केस–कंट्रोल अध्ययन ICMR के किस संस्थान ने किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान
स्वास्थ्य मंत्रालय: पहला अध्ययन ICMR के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (NIE) ने मई से अगस्त 2023 के बीच 19 राज्यों/UT के 47 तृतीयक अस्पतालों में किया।