HCES 2023-24 रिपोर्ट: ग्रामीण MPCE ₹4,122, शहरी ₹6,996; उपभोग असमानता घटी
MoSPI ने 30 जनवरी 2025 को घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 की विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जिसमें औसत मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय ग्रामीण भारत में ₹4,122 और शहरी भारत में ₹6,996 आँका गया।
सारांश
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 30 जनवरी 2025 को घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2023-24 की विस्तृत रिपोर्ट और यूनिट-स्तरीय डेटा जारी किया। HCES 2023-24 में मुफ़्त वस्तुओं के आरोपित मूल्य के बिना औसत मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (MPCE) ग्रामीण भारत में ₹4,122 और शहरी भारत में ₹6,996 आँका गया, और शहरी–ग्रामीण MPCE अंतर 2011-12 के 84% से घटकर 70% रह गया। उपभोग का गिनी गुणांक 2022-23 के 0.266 और 0.314 से घटकर 2023-24 में ग्रामीण क्षेत्रों में 0.237 और शहरी क्षेत्रों में 0.284 रहा। प्रमुख राज्यों में शहरी–ग्रामीण अंतर केरल में सबसे कम (लगभग 18%) और झारखंड में सबसे अधिक (लगभग 83%) रहा।
मुख्य तथ्य
- जारी
- 30 जनवरी 2025
- ग्रामीण MPCE
- ₹4,122 (आरोपण सहित ₹4,247)
- शहरी MPCE
- ₹6,996 (आरोपण सहित ₹7,078)
- शहरी–ग्रामीण अंतर
- 70% (2011-12 में 84%)
- गिनी, ग्रामीण
- 0.266 → 0.237
- गिनी, शहरी
- 0.314 → 0.284
- नमूना
- 2,61,953 परिवार
- सबसे कम / अधिक अंतर
- केरल ~18% / झारखंड ~83%
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
HCES 2023-24 के अनुसार 2023-24 में ग्रामीण भारत में औसत मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (आरोपण के बिना) कितना था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ₹4,122
PIB 2097601: 2023-24 में आरोपित मूल्य के बिना औसत MPCE ग्रामीण ₹4,122 और शहरी ₹6,996 रहा; आरोपण सहित ₹4,247 और ₹7,078।
HCES 2023-24 के अनुसार प्रमुख राज्यों में 2023-24 में औसत MPCE में शहरी–ग्रामीण अंतर किस राज्य में सबसे कम था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केरल
PIB 2097601: 2023-24 में शहरी–ग्रामीण अंतर केरल में सबसे कम (लगभग 18%) और झारखंड में सबसे अधिक (लगभग 83%) रहा।
HCES 2023-24 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 2023-24 में MPCE में शहरी–ग्रामीण अंतर घटकर 70% रह गया। 2. ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग का गिनी गुणांक घटकर 0.237 हो गया। 3. शहरी क्षेत्रों में गिनी गुणांक 2022-23 की तुलना में बढ़ा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
PIB 2097601: शहरी–ग्रामीण अंतर 70% और ग्रामीण गिनी 0.237 हुआ; शहरी गिनी भी 0.314 से घटकर 0.284 हुआ, इसलिए कथन 3 गलत है।