हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर भगदड़; उत्तराखंड ने मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश दिए
27 जुलाई 2025 की सुबह हरिद्वार, उत्तराखंड में मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर बिजली का करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई।
सारांश
27 जुलाई 2025 की सुबह हरिद्वार, उत्तराखंड में पहाड़ी पर स्थित मनसा देवी मंदिर के भीड़भाड़ वाले सीढ़ी मार्ग पर यह अफवाह फैलने के बाद भगदड़ मच गई कि बिजली का तार टूट गया है और क्षेत्र में करंट फैल रहा है। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस ने अधिकारियों और पुलिस के हवाले से आठ लोगों की मृत्यु और लगभग 30 के घायल होने की सूचना दी; शुरुआती आधिकारिक बयानों में संख्या कम और बाद की रिपोर्टों में अधिक बताई गई, इसलिए अंतिम मृतक संख्या यहाँ नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि की घोषणा की तथा हरिद्वार के ज़िलाधिकारी को मजिस्ट्रेटी जाँच का आदेश दिया गया। अफवाह फैलाने वाले अज्ञात लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनहानि पर शोक व्यक्त किया।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 27 जुलाई 2025 (सुबह), मनसा देवी मंदिर सीढ़ी मार्ग, हरिद्वार
- कारण
- बिजली का तार टूटने / करंट की अफवाह
- अनुग्रह राशि (राज्य)
- मृतक के परिजन ₹2 लाख; घायल ₹50,000
- जाँच
- हरिद्वार ज़िलाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रेटी जाँच
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
27 जुलाई 2025 को हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर भगदड़ के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कितनी अनुग्रह राशि घोषित की?
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सही उत्तर: B — मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000
इंडियन एक्सप्रेस और IANS (27 जुलाई 2025): मुख्यमंत्री धामी ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 देने की घोषणा की।
27 जुलाई 2025 की मनसा देवी मंदिर भगदड़ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह बिजली का तार टूटने और क्षेत्र में करंट फैलने की अफवाह से शुरू हुई। 2. हरिद्वार के ज़िलाधिकारी को मजिस्ट्रेटी जाँच का आदेश दिया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस: भगदड़ बिजली का तार टूटने/करंट की अफवाह के बाद हुई; IE: हरिद्वार के ज़िलाधिकारी को मजिस्ट्रेटी जाँच का आदेश दिया गया। दोनों सही।