CSIR-NAL बेंगलुरु में स्वदेशी हंसा-3 (NG) पायलट प्रशिक्षण विमान का उत्पादन संस्करण लॉन्च
29 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने CSIR–NAL, बेंगलुरु में भारत के पहले पूर्ण-कम्पोज़िट दो-सीटर प्रशिक्षण विमान हंसा-3 (NG) का उत्पादन संस्करण लॉन्च किया।
सारांश
CSIR–राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित हंसा-3 (NG) PPL और CPL पायलट प्रशिक्षण के लिए पूर्ण-कम्पोज़िट एयरफ्रेम वाला दो-सीटर विमान है। उद्योग भागीदार पायनियर क्लीन एम्प्स कुप्पम, आंध्र प्रदेश में ₹150 करोड़ की इकाई लगा रहा है, जो प्रति वर्ष 100 विमान तक बनाएगी। मंत्री ने कहा कि अगले 15–20 वर्षों में भारत को लगभग 30,000 पायलटों की ज़रूरत होगी। उन्होंने 19-सीटर SARAS Mk-2 क्षेत्रीय विमान के लिए SARAS Mk-2 आयरन बर्ड सुविधा का भी शुभारंभ किया।
मुख्य तथ्य
- विमान
- हंसा-3 (NG) – दो-सीटर प्रशिक्षण विमान, पूर्ण-कम्पोज़िट एयरफ्रेम
- विकासकर्ता
- CSIR–राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाएं (NAL), बेंगलुरु
- लॉन्च
- डॉ. जितेंद्र सिंह, 29 नवंबर 2025
- निर्माता
- पायनियर क्लीन एम्प्स – कुप्पम, आंध्र प्रदेश में ₹150 करोड़ की इकाई (100 विमान/वर्ष)
- पायलटों की मांग
- अगले 15–20 वर्षों में लगभग 30,000
- साथ में
- SARAS Mk-2 आयरन बर्ड सुविधा (19-सीटर विमान)
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
हंसा-3 (NG), जिसका उत्पादन संस्करण नवंबर 2025 में लॉन्च हुआ, क्या है?
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सही उत्तर: B — पूर्ण-कम्पोज़िट एयरफ्रेम वाला दो-सीटर प्रशिक्षण विमान
हंसा-3 (NG) PPL और CPL प्रशिक्षण के लिए भारत का पहला पूर्ण-कम्पोज़िट एयरफ्रेम वाला दो-सीटर विमान है।
हंसा-3 (NG) प्रशिक्षण विमान किस संस्थान ने विकसित किया है?
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सही उत्तर: C — CSIR–राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाएं, बेंगलुरु
यह विमान CSIR–NAL ने विकसित किया; मंत्री ने इसे बेंगलुरु स्थित CSIR–NAL में लॉन्च किया।
हंसा-3 (NG) का उद्योग भागीदार ₹150 करोड़ की निर्माण इकाई कहां स्थापित कर रहा है?
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सही उत्तर: D — कुप्पम, आंध्र प्रदेश
पायनियर क्लीन एम्प्स कुप्पम, आंध्र प्रदेश में प्रति वर्ष 100 विमान तक बनाने वाली ₹150 करोड़ की इकाई लगा रहा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार (नवंबर 2025) अगले 15–20 वर्षों में भारत को लगभग कितने पायलटों की आवश्यकता होगी?
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सही उत्तर: C — 30,000
मंत्री ने कहा कि अगले 15–20 वर्षों में भारत को लगभग 30,000 पायलटों की आवश्यकता होगी।