गुजरात ने 50,000 अंत्योदय परिवारों के लिए G-SAFAL आजीविका योजना शुरू की
गुजरात सरकार ने 14 फ़रवरी 2025 को G-SAFAL (गुजरात स्कीम फ़ॉर अंत्योदय फ़ैमिलीज़ फ़ॉर ऑगमेंटिंग लाइवलीहुड्स) शुरू की, जिससे पाँच वर्ष में 50,000 अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को सहायता मिलेगी।
सारांश
मुख्यमंत्री कार्यालय की 14 फ़रवरी 2025 की विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने G-SAFAL (गुजरात स्कीम फ़ॉर अंत्योदय फ़ैमिलीज़ फ़ॉर ऑगमेंटिंग लाइवलीहुड्स) शुरू की। पाँच वर्षों में यह 10 ज़िलों के 25 तालुकों में अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारक 50,000 परिवारों को सहायता देगी, जिसमें महिलाओं पर विशेष ध्यान है। इसे ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड लागू करेगी और यह चार स्तंभों पर आधारित है: सामाजिक सुरक्षा, आजीविका सृजन, वित्तीय समावेशन और सामाजिक विकास। लक्ष्य है कि हर परिवार के पास आय के कम से कम दो स्रोत हों। योजना आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अनुरूप है।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 14 फ़रवरी 2025, मुख्यमंत्री कार्यालय विज्ञप्ति, गांधीनगर
- पूरा नाम
- गुजरात स्कीम फ़ॉर अंत्योदय फ़ैमिलीज़ फ़ॉर ऑगमेंटिंग लाइवलीहुड्स
- कवरेज
- 50,000 AAY परिवार, 10 ज़िलों के 25 तालुके, पाँच वर्ष
- कार्यान्वयन
- गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड (ग्रामीण विकास विभाग)
- अनुरूप
- आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
14 फ़रवरी 2025 को घोषित गुजरात की G-SAFAL योजना का लक्ष्य पाँच वर्षों में कितने अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को सहायता देना है?
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सही उत्तर: C — 50,000
G-SAFAL पाँच वर्षों में अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारक 50,000 परिवारों को सहायता देगी।
गुजरात की G-SAFAL योजना को कौन-सी संस्था लागू करती है?
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सही उत्तर: D — गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड
G-SAFAL को राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड लागू करती है।
गुजरात की G-SAFAL योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 10 ज़िलों के 25 तालुकों को कवर करती है। 2. इसका लक्ष्य हर लाभार्थी परिवार को आय के कम से कम दो स्रोत देना है। 3. इसे राज्य का शहरी विकास विभाग चलाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
G-SAFAL 10 ज़िलों के 25 तालुकों को कवर करती है और हर परिवार के लिए आय के कम से कम दो स्रोतों का लक्ष्य रखती है, पर इसे शहरी विकास विभाग नहीं बल्कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत चलाया जाता है।