बिजली वितरण कंपनियों की व्यवहार्यता पर मंत्रिसमूह की दूसरी बैठक मुंबई में हुई
केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक की अध्यक्षता वाले बिजली वितरण कंपनियों की व्यवहार्यता पर मंत्रिसमूह की दूसरी बैठक 27 फ़रवरी 2025 को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुई।
सारांश
बिजली वितरण कंपनियों की व्यवहार्यता के मुद्दों पर गठित मंत्रिसमूह (GoM) की दूसरी बैठक 27 फ़रवरी 2025 को मुंबई में केंद्रीय विद्युत तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक की अध्यक्षता में हुई, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपस्थित थे। तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और राजस्थान के ऊर्जा मंत्रियों ने भाग लिया। नाइक ने डिस्कॉम व्यवहार्यता के चार मानदंड बताए - AT&C हानि, ACS-ARR अंतर, संचित घाटा और बकाया ऋण - और कहा कि AT&C हानि में हर 1% वृद्धि से कंपनियों को ₹10,000 करोड़ से अधिक का नुक़सान होता है।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 27 फ़रवरी 2025, मुंबई
- अध्यक्ष
- विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक
- चार मानदंड
- AT&C हानि, ACS-ARR अंतर, संचित घाटा, बकाया ऋण
- 1% AT&C हानि की लागत
- ₹10,000 करोड़ से अधिक
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
डिस्कॉम व्यवहार्यता पर मंत्रिसमूह के अध्यक्ष (मुंबई, 27 फ़रवरी 2025) के अनुसार AT&C हानि में हर 1% वृद्धि से कंपनियों को कितने से अधिक का नुक़सान होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹10,000 करोड़
मंत्रिसमूह की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने कहा कि AT&C हानि में हर 1% वृद्धि से कंपनियों को ₹10,000 करोड़ से अधिक का नुक़सान होता है।