कपड़ा मंत्रालय की रिपोर्ट: भारत सालाना 70.73 लाख टन कपड़ा अपशिष्ट उत्पन्न करता है
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने 10 मार्च 2026 को नई दिल्ली में 'मैपिंग ऑफ टेक्सटाइल वेस्ट वैल्यू चेन इन इंडिया' रिपोर्ट जारी की, जिसके अनुसार भारत का कपड़ा अपशिष्ट सालाना लगभग 70.73 लाख टन है।
सारांश
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने 10 मार्च 2026 को नई दिल्ली के उद्योग भवन में 'मैपिंग ऑफ टेक्सटाइल वेस्ट वैल्यू चेन इन इंडिया' रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार भारत सालाना लगभग 70.73 लाख टन कपड़ा अपशिष्ट उत्पन्न करता है और उपभोग-पूर्व कपड़ा अपशिष्ट का 95% से अधिक पुनः प्राप्त करता है, जबकि कताई क्षेत्र अपने लगभग 100% अपशिष्ट को वहीं दोबारा उपयोग में लेता है। रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत का कपड़ा रीसाइक्लिंग बाजार 2030 तक 3.5 अरब डॉलर तक पहुंचेगा और लगभग एक लाख हरित नौकरियां पैदा कर सकता है; इसमें उपभोग-पूर्व और उपभोग-पश्चात अपशिष्ट धाराओं, रीसाइक्लिंग क्लस्टरों और तकनीकों का नक्शा है।
मुख्य तथ्य
- जारी
- 10 मार्च 2026, उद्योग भवन, नई दिल्ली
- जारीकर्ता
- कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह
- अपशिष्ट
- ~70.73 लाख टन सालाना
- उपभोग-पूर्व पुनर्प्राप्ति
- 95% से अधिक; कताई ~100% वहीं
- रीसाइक्लिंग बाजार
- 2030 तक 3.5 अरब डॉलर; ~1 लाख हरित नौकरियां
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
10 मार्च 2026 को कपड़ा मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत सालाना कितना कपड़ा अपशिष्ट उत्पन्न करता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — लगभग 70.73 लाख टन
'मैपिंग ऑफ टेक्सटाइल वेस्ट वैल्यू चेन इन इंडिया' रिपोर्ट के अनुसार सालाना लगभग 70.73 लाख टन कपड़ा अपशिष्ट उत्पन्न होता है।