ओडिशा अगस्त के चौथे शनिवार को गरिमा दिवस मनाएगा; 'मिशन ज़ीरो' कार्यशाला आयोजित
22 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में 'मिशन ज़ीरो – स्वच्छता कार्य में मौतों का अंत' राष्ट्रीय कार्यशाला में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की कि हर साल अगस्त का चौथा शनिवार गरिमा दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
सारांश
गरिमा दिवस 2026 के तहत 22 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन स्थित राज्य सम्मेलन केंद्र में 'मिशन ज़ीरो – स्वच्छता कार्य में मौतों का अंत' विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला हुई। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की कि अगस्त का चौथा शनिवार हर साल गरिमा दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जो सफ़ाई कर्मियों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को समर्पित होगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय सचिव सुधांश पंत ने स्वच्छता कार्य में शून्य मौतों को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया और कहा कि NAMASTE और GARIMA योजनाएँ मशीनीकरण और व्यावसायिक सुरक्षा को बढ़ावा देती हैं। आठ राज्यों के विशेषज्ञ, अधिकारी और सफ़ाई कर्मी शामिल हुए; NSKFDC, NAMASTE के क्रियान्वयन की नोडल एजेंसी है।
मुख्य तथ्य
- तारीख़ / स्थान
- 22 अगस्त 2026, लोक सेवा भवन, भुवनेश्वर
- विषय
- मिशन ज़ीरो – स्वच्छता कार्य में मौतों का अंत
- घोषणा
- अगस्त का चौथा शनिवार = गरिमा दिवस (ओडिशा)
- मुख्य अतिथि
- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
- योजनाएँ
- NAMASTE और GARIMA
- भागीदारी
- आठ राज्यों के विशेषज्ञ और अधिकारी
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
गरिमा दिवस 2026 पर भुवनेश्वर में हुई राष्ट्रीय कार्यशाला का विषय क्या था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — मिशन ज़ीरो – स्वच्छता कार्य में मौतों का अंत
22 अगस्त 2026 की कार्यशाला का विषय 'मिशन ज़ीरो – स्वच्छता कार्य में मौतों का अंत' था।
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने अगस्त 2026 में घोषणा की कि गरिमा दिवस हर साल कब मनाया जाएगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — अगस्त का चौथा शनिवार
मोहन चरण माझी ने घोषणा की कि अगस्त का चौथा शनिवार हर साल गरिमा दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
22 अगस्त 2026 की 'मिशन ज़ीरो' कार्यशाला के बारे में निम्न कथनों पर विचार करें: 1. इसमें 15 राज्यों के विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भाग लिया। 2. यह भुवनेश्वर में हुई और इसमें ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हुए। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
केवल कथन 2 सही है। इसमें आठ राज्यों के विशेषज्ञों, अधिकारियों और सफ़ाई कर्मियों ने भाग लिया।