गर्भ-इनी: समय-पूर्व जन्म के लिए AI टूल बनाने हेतु 12,000 महिलाओं का भारत का सबसे बड़ा गर्भावस्था समूह
23 मार्च 2026 को डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि DBT के गर्भ-इनी कार्यक्रम में लगभग 12,000 गर्भवती महिलाएं शामिल की गई हैं – भारत का सबसे बड़ा गर्भावस्था समूह – ताकि समय-पूर्व जन्म का पूर्वानुमान लगाने के लिए स्वदेशी AI टूल विकसित किए जा सकें।
सारांश
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 23 मार्च 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में 'गर्भ-इनी के अनुभव और परिणाम' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग 12,000 गर्भवती महिलाओं का यह समूह अध्ययन समय-पूर्व जन्म – नवजात मृत्यु का एक प्रमुख कारण – के लिए स्वदेशी, AI-आधारित समाधान विकसित करने के उद्देश्य से है। गर्भ-इनी (जन्म परिणामों पर उन्नत अनुसंधान के लिए अंतर्विषयक समूह) जैव प्रौद्योगिकी विभाग की पहल है, जो व्यक्तिगत पूर्वानुमान के लिए क्लिनिकल महामारी विज्ञान, मल्टी-ओमिक्स बायोमार्कर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़ती है; इसने दक्षिण एशिया के सबसे बड़े गर्भावस्था समूहों में से एक बनाया है। कार्यक्रम में DBT सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले, नीति आयोग सदस्य डॉ. वी.के. पॉल और THSTI के कार्यकारी निदेशक डॉ. गणेशन कार्तिकेयन उपस्थित थे।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- गर्भ-इनी – जन्म परिणामों पर उन्नत अनुसंधान के लिए अंतर्विषयक समूह
- संचालक
- जैव प्रौद्योगिकी विभाग
- समूह
- ~12,000 गर्भवती महिलाएं – भारत का सबसे बड़ा गर्भावस्था समूह
- लक्ष्य
- समय-पूर्व जन्म के पूर्वानुमान के लिए स्वदेशी AI टूल
- दृष्टिकोण
- क्लिनिकल महामारी विज्ञान + मल्टी-ओमिक्स बायोमार्कर + AI
- कार्यक्रम
- 23 मार्च 2026, इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मार्च 2026 में चर्चित गर्भ-इनी कार्यक्रम किसका पूर्वानुमान लगाने के लिए AI टूल विकसित करने पर केंद्रित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — समय-पूर्व जन्म
गर्भ-इनी का लक्ष्य समय-पूर्व जन्म – नवजात मृत्यु का एक प्रमुख कारण – के लिए स्वदेशी, AI-आधारित समाधान है।
गर्भ-इनी के बारे में विचार कीजिए: 1. यह जैव प्रौद्योगिकी विभाग की पहल है। 2. इसमें लगभग 12,000 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। 3. इसे स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद चलाती है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
गर्भ-इनी जैव प्रौद्योगिकी विभाग की पहल है, ICMR का कार्यक्रम नहीं; इसमें लगभग 12,000 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।