गांधीवादी पसला कृष्ण भारती का 92 वर्ष की आयु में हैदराबाद में निधन
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी ज़िले के स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्री और गांधीवादी पसला कृष्ण भारती का 23 मार्च 2025 को हैदराबाद स्थित उनके घर पर 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
सारांश
गांधीवादी और समाजसेवी पसला कृष्ण भारती का 23 मार्च 2025 को हैदराबाद स्थित उनके आवास पर 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी ज़िले के स्वतंत्रता सेनानी पसला कृष्ण मूर्ति और अंजा लक्ष्मी की पुत्री थीं और 1932 में जेल में पैदा हुई थीं, जब उनके माता-पिता भीमावरम उप-कलेक्टर कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कारण कैद थे। उन्होंने वंचितों, विशेषकर दलितों की शिक्षा के लिए काम किया। 2022 में भीमावरम के एक कार्यक्रम में उनसे मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता की विरासत को आगे बढ़ाया।
मुख्य तथ्य
- निधन
- 23 मार्च 2025, हैदराबाद, 92 वर्ष
- मूल
- पश्चिम गोदावरी ज़िला, आंध्र प्रदेश
- माता-पिता
- स्वतंत्रता सेनानी पसला कृष्ण मूर्ति और अंजा लक्ष्मी
- जन्म
- जेल में, 1932
- पहचान
- गांधीवादी समाजसेवा, दलितों की शिक्षा
- शोक
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
23 मार्च 2025 को दिवंगत गांधीवादी पसला कृष्ण भारती किस ज़िले के स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्री थीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — पश्चिम गोदावरी, आंध्र प्रदेश
वे पश्चिम गोदावरी ज़िले के स्वतंत्रता सेनानी पसला कृष्ण मूर्ति और अंजा लक्ष्मी की पुत्री थीं।
1932 में जब गांधीवादी पसला कृष्ण भारती (निधन मार्च 2025) का जेल में जन्म हुआ, तब उनके माता-पिता क्यों कैद थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — भीमावरम उप-कलेक्टर कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए
उनके माता-पिता भीमावरम उप-कलेक्टर कार्यालय पर भारतीय ध्वज फहराने के कारण कैद थे, और उनका जन्म जेल में हुआ।