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पश्चिमी घाट में एलोग्राफा लाइकेन की पांच नई प्रजातियां खोजी गईं

एमएसीएस अघारकर अनुसंधान संस्थान, पुणे के शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट से लाइकेन बनाने वाले कवक वंश एलोग्राफा की पांच नई प्रजातियों का वर्णन किया (21 जुलाई 2026 को घोषणा)।

सारांश

एलोग्राफा, ग्राफिडेसी कुल का 200 से अधिक प्रजातियों वाला स्क्रिप्ट लाइकेन वंश, में पश्चिमी घाट से पांच नई प्रजातियां जुड़ी हैं, जिनका वर्णन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान एमएसीएस अघारकर अनुसंधान संस्थान, पुणे के शोधकर्ताओं ने किया। एमएसीएस अघारकर की टीम ने आकारिकी और रसायन विश्लेषण को mtSSU, nrLSU और RPB2 मार्करों की डीएनए अनुक्रमण के साथ जोड़ा; यह पश्चिमी घाट के एलोग्राफा का पहला व्यापक आणविक वंशवृक्षीय अध्ययन है। नई प्रजातियां हैं एलोग्राफा केरलेंसिस (केरल के नाम पर), ए. नायकाए (लाइकेन विशेषज्ञ डॉ. संजीव नायक के सम्मान में), ए. पैराकॉन्सैंग्विनिया, ए. पर्सिस्टिन्स्पर्सा और ए. सेमीकार्बोनिसाटा। एलोग्राफा लाइकेन प्रदूषण और आवास परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होने के कारण वन स्वास्थ्य के सूचक हैं।

मुख्य तथ्य

घोषणा
21 जुलाई 2026
वंश
एलोग्राफा (लाइकेन बनाने वाले कवक), कुल ग्राफिडेसी
स्थान
पश्चिमी घाट
संस्थान
एमएसीएस अघारकर अनुसंधान संस्थान, पुणे
नई प्रजातियां
पांच, जिनमें एलोग्राफा केरलेंसिस शामिल

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

जुलाई 2026 में पश्चिमी घाट से जिस एलोग्राफा की पांच नई प्रजातियों का वर्णन हुआ, वह किसका वंश है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — लाइकेन बनाने वाले कवक

एलोग्राफा ग्राफिडेसी कुल का स्क्रिप्ट लाइकेन (लाइकेन बनाने वाला कवक) वंश है।

Q2 उन्नत

पश्चिमी घाट से एलोग्राफा की पांच नई प्रजातियों का वर्णन किस संस्थान के शोधकर्ताओं ने किया?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — एमएसीएस अघारकर अनुसंधान संस्थान, पुणे

टीम DST के स्वायत्त संस्थान एमएसीएस अघारकर अनुसंधान संस्थान, पुणे की थी।

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