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शिक्षा मंत्रालय ने शास्त्रीय असमिया, बंगाली, मराठी, पाली और प्राकृत के लिए पाँच उत्कृष्टता केंद्र मंज़ूर किए

उच्च शिक्षा विभाग ने 3 अक्टूबर 2026 को शास्त्रीय भाषाओं के पाँच उत्कृष्टता केंद्र मंज़ूर किए, जो असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा और गुजरात में होंगे।

सारांश

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने शास्त्रीय असमिया, बंगाली, मराठी, पाली और प्राकृत के अध्ययन के लिए पाँच उत्कृष्टता केंद्रों (CoE) को मंज़ूरी दी। ये केंद्र इन भाषाओं की भाषाई और साहित्यिक धरोहर के शोध, संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यापक प्रसार में मदद करेंगे तथा पाँच राज्यों में क्षेत्रीय शैक्षणिक तंत्र को मज़बूत करेंगे।

मुख्य तथ्य

मंज़ूरी
उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय
संख्या
पाँच उत्कृष्टता केंद्र
असमिया
तेज़पुर विश्वविद्यालय, असम
बंगाली
विश्व-भारती विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल
मराठी
डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान, पुणे
पाली
केंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा
प्राकृत
केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात

पृष्ठभूमि

शास्त्रीय भाषामेज़बान संस्थान
असमियातेज़पुर विश्वविद्यालय, असम
बंगालीविश्व-भारती विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल
मराठीडेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय), पुणे, महाराष्ट्र
पालीकेंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा
प्राकृतकेंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात

अभ्यास MCQ 3 प्रश्न

Q1

उच्च शिक्षा विभाग ने 3 अक्टूबर 2026 को शास्त्रीय भाषाओं के कितने उत्कृष्टता केंद्र मंज़ूर किए?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — पाँच

पाँच CoE मंज़ूर हुए: शास्त्रीय असमिया, बंगाली, मराठी, पाली और प्राकृत के लिए।
Q2 उन्नत

शास्त्रीय मराठी का उत्कृष्टता केंद्र किस संस्थान में स्थापित होगा?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान, पुणे

शास्त्रीय मराठी CoE डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय), पुणे, महाराष्ट्र में है।
Q3 उन्नत

शास्त्रीय पाली का उत्कृष्टता केंद्र कहाँ स्थापित होगा?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — केंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा

शास्त्रीय पाली CoE केंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा में है; शास्त्रीय प्राकृत केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात में है।

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