उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टरों के लिए भारत की पहली PinS इंस्ट्रूमेंट एप्रोच प्रक्रिया मंज़ूर
नागर विमानन मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को बताया कि AAI द्वारा विकसित और DGCA द्वारा मंज़ूर हेलीकॉप्टर संचालन के लिए भारत की पहली निजी पॉइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट एप्रोच प्रक्रिया उंडावल्ली हेलीपोर्ट के लिए मंज़ूर हुई।
सारांश
नागर विमानन मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टर संचालन के लिए भारत की पहली निजी पॉइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट एप्रोच प्रक्रिया की मंज़ूरी की घोषणा की; इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने विकसित किया और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने ICAO मानकों के अनुरूप मंज़ूर किया। PinS प्रक्रियाएँ उपग्रह-आधारित नेविगेशन से हेलीकॉप्टरों को पारंपरिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग ढांचे के बिना हेलीपोर्ट पर सटीक इंस्ट्रूमेंट एप्रोच करने देती हैं, जो खराब मौसम और ज़मीनी नेविगेशन सहायता न होने पर उपयोगी है। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने AAI, DGCA और आंध्र प्रदेश सरकार का आभार जताया।
मुख्य तथ्य
- पहली
- हेलीकॉप्टरों के लिए पहली निजी PinS प्रक्रिया
- हेलीपोर्ट
- उंडावल्ली
- विकसित
- AAI
- मंज़ूरी
- DGCA
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
हेलीकॉप्टर संचालन के लिए भारत की पहली निजी पॉइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट एप्रोच प्रक्रिया जुलाई 2026 में किस हेलीपोर्ट के लिए मंज़ूर हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — उंडावल्ली हेलीपोर्ट
हेलीकॉप्टरों के लिए पहली निजी PinS इंस्ट्रूमेंट एप्रोच प्रक्रिया उंडावल्ली हेलीपोर्ट के लिए मंज़ूर हुई।
हेलीकॉप्टरों के लिए भारत की पहली PinS प्रक्रिया (जुलाई 2026) के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने विकसित किया। 2. इसे नागर विमानन महानिदेशालय ने मंज़ूर किया। 3. यह हेलीपोर्ट पर लगे पारंपरिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम पर निर्भर है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
AAI ने प्रक्रिया विकसित की और DGCA ने मंज़ूर की। PinS उपग्रह-आधारित नेविगेशन उन हेलीपोर्ट के लिए है जहाँ पारंपरिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग ढांचा नहीं है, अतः कथन 3 गलत है।