गडकरी ने नागपुर के मनसर में एनएच-44 पर भारत के पहले बायो-बिटुमेन आधारित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड का उद्घाटन किया
महाराष्ट्र में एनएच-44 के नागपुर–मनसर बाईपास खंड का, जो लिग्निन आधारित बायो-बिटुमेन से बना है, 21 दिसंबर 2024 को उद्घाटन हुआ।
सारांश
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 21 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र के नागपुर के मनसर में एनएच-44 पर भारत के पहले बायो-बिटुमेन आधारित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड का उद्घाटन किया। यह खंड प्राज इंडस्ट्रीज द्वारा सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और ओरिएंटल के सहयोग से विकसित लिग्निन आधारित बायो-बिटुमेन तकनीक से बनाया गया है। लिग्निन पौधों की कोशिका भित्ति में पाया जाने वाला प्राकृतिक बहुलक है, और इसे बाइंडर के रूप में उपयोग करने का उद्देश्य आयातित बिटुमेन पर भारत की निर्भरता घटाना है, जो देश की आपूर्ति का लगभग 50% है।
मुख्य तथ्य
- खंड
- नागपुर–मनसर बाईपास, एनएच-44, महाराष्ट्र
- उद्घाटन
- 21 दिसंबर 2024, नितिन गडकरी द्वारा
- महत्व
- भारत का पहला बायो-बिटुमेन आधारित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड
- सामग्री
- लिग्निन आधारित बायो-बिटुमेन (प्राज इंडस्ट्रीज)
- साझेदार
- सीएसआईआर-सीआरआरआई, एनएचएआई, ओरिएंटल
- आयात निर्भरता
- भारत की बिटुमेन आपूर्ति का लगभग 50% आयातित
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
दिसंबर 2024 में उद्घाटित भारत का पहला बायो-बिटुमेन आधारित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड एनएच-44 पर कहाँ है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — मनसर, नागपुर (महाराष्ट्र)
मातृभूमि (एएनआई) और सीएनबीसी-टीवी18: नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के नागपुर के मनसर में एनएच-44 (नागपुर–मनसर बाईपास) पर भारत के पहले बायो-बिटुमेन आधारित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड का उद्घाटन किया।
एनएच-44 के नागपुर–मनसर खंड पर उपयोग किया गया बायो-बिटुमेन किस प्राकृतिक बहुलक पर आधारित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — लिग्निन
मातृभूमि (एएनआई) और सीएनबीसी-टीवी18: यह खंड प्राज इंडस्ट्रीज ने सीएसआईआर-सीआरआरआई, एनएचएआई और ओरिएंटल के साथ लिग्निन आधारित बायो-बिटुमेन तकनीक से विकसित किया।
बायो-बिटुमेन राजमार्ग खंड से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार भारत की बिटुमेन आपूर्ति में आयात का हिस्सा लगभग कितना है?
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सही उत्तर: C — 50%
मातृभूमि (एएनआई) और सीएनबीसी-टीवी18: लिग्निन बायो-बिटुमेन का उद्देश्य आयात पर भारत की निर्भरता घटाना है, जो कुल बिटुमेन आपूर्ति का लगभग 50% है।